MP Bhopal News: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार को आयोजित विश्वविद्यालय की कार्य परिषद (Executive Council) की बैठक में विश्वविद्यालय का नाम बदलकर ‘वाग देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अब यह प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया के लिए राज्यपाल और राज्य सरकार के पास भेजा गया है।
राज्यपाल के पास भेजा गया प्रस्ताव
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कार्य परिषद से स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्ताव को विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल मंगूभाई पटेल के पास भेज दिया गया है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार की मंजूरी के बाद लिया जाएगा।
राजा भोज के ऐतिहासिक योगदान का दिया गया हवाला
बैठक में परिषद सदस्यों ने राजा भोज के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल का प्राचीन नाम ‘भोजपाल’ रहा है। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय का नाम ‘वाग देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ रखने का प्रस्ताव पारित किया गया।
1988 में बदला गया था विश्वविद्यालय का नाम
गौरतलब है कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1970 में भोपाल विश्वविद्यालय के नाम से हुई थी। बाद में वर्ष 1988 में स्वतंत्रता सेनानी प्रोफेसर बरकतुल्लाह की स्मृति में इसका नाम बदलकर बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय कर दिया गया था।
400 एकड़ में फैला है विश्वविद्यालय परिसर
विश्वविद्यालय परिसर लगभग 400 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और होशंगाबाद रोड पर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हाल ही में विश्वविद्यालय को NAAC द्वारा ‘A’ ग्रेड की मान्यता भी प्राप्त हुई है। वर्तमान में प्रोफेसर सुरेश कुमार जैन विश्वविद्यालय के कुलपति हैं।
आठ जिलों के छात्रों को मिलती है उच्च शिक्षा
बरकतुल्ला विश्वविद्यालय कला, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य, विधि, शिक्षा, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, गृह विज्ञान और शारीरिक शिक्षा सहित विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा प्रदान करता है। इसका क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल और राजगढ़ समेत आठ जिलों तक फैला हुआ है।
सरकार की मंजूरी के बाद बदलेगी पहचान
यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो मध्य प्रदेश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल बरकतुल्ला विश्वविद्यालय नई पहचान के साथ ‘वाग देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को शिक्षा संस्थानों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

