CG Raipur News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी केंद्रों में स्टॉक की कमी और कथित अनियमितताओं को लेकर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता शिव कुमार डहरिया ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के खरीदी केंद्रों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और करोड़ों रुपये का धान गायब होने के मामलों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
“खरीदी केंद्रों में करोड़ों का धान चूहे खा रहे हैं”
शिव डहरिया ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन धान की कमी को लेकर हास्यास्पद तर्क दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में करोड़ों रुपये का धान गायब हो रहा है और जवाब में कहा जा रहा है कि उसे “चूहे खा गए”।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल उन समितियों पर की जा रही है, जहां कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष हैं, जबकि भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
“भाजपा ने खरीदी केंद्रों को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया”
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी केंद्र भ्रष्टाचार के केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कर रही है और वास्तविक दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
डहरिया ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था में व्यापक गड़बड़ियां हैं, लेकिन सरकार निष्पक्ष जांच कराने के बजाय राजनीतिक आधार पर कार्रवाई कर रही है।
अधिकारियों को फटकार पर भी सरकार को घेरा
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा द्वारा विभिन्न मामलों में अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए डहरिया ने कहा कि इससे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और प्रशासनिक तंत्र पर सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ गया है।
“प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता का माहौल”
शिव डहरिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद और अराजकता चरम पर है। उनके अनुसार अधिकारी आम जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की भी अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खाद संकट को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना
कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम के बयान पर पलटवार करते हुए डहरिया ने कहा कि प्रदेश में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर सरकार जमीनी हकीकत से दूर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है और किसान आवश्यक कृषि सामग्री के लिए भटकने को मजबूर हैं।
ईडी की कार्रवाई पर उठाए सवाल
शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई पर भी शिव डहरिया ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
डहरिया ने आरोप लगाया कि ईडी जैसी एजेंसियों की निष्पक्षता पर पूरे देश में सवाल उठ रहे हैं और भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए उनका दुरुपयोग कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाई सियासत
धान खरीदी, खाद संकट, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और ईडी की कार्रवाई जैसे मुद्दों पर शिव डहरिया के आरोपों के बाद प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। अब भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

