Chhattisgarh Balrampur News: बलरामपुर: जिले के राजपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भेंडरी में मनोज घर से बुधराम घर तक कराए गए मुरमीकरण कार्य को लेकर सरकारी राशि के भुगतान पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि उक्त कार्य के नाम पर करीब 78 हजार रुपए की राशि का भुगतान और आहरण किया गया, जबकि मौके पर मुरमीकरण का काम दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि, मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामला सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि यदि सड़क पर मुरमीकरण का कार्य कराया गया था, तो मौके पर उसकी स्थिति क्या है और भुगतान से पहले कार्य का भौतिक सत्यापन किस स्तर पर किया गया। ऐसे में माप पुस्तिका (MB), कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र, बिल-वाउचर और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कागजों में काम पूरा, मौके पर स्थिति क्या?
पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के भुगतान से पहले कार्य की मात्रा और गुणवत्ता का सत्यापन किया जाना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में जांच में यह देखा जाना जरूरी होगा कि मुरमीकरण कार्य के लिए कितनी मात्रा दर्ज की गई, उसका माप किसके द्वारा लिया गया और किस अधिकारी या कर्मचारी के सत्यापन के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी हुई।
यदि स्थल निरीक्षण में शिकायत के अनुरूप कार्य नहीं मिलता है और दस्तावेजों में कार्य पूर्ण दर्ज पाया जाता है, तो भुगतान प्रक्रिया में शामिल जिम्मेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
78 हजार रुपए के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की होगी जांच
मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति, माप पुस्तिका, कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और स्थल सत्यापन से जुड़े अभिलेखों की जांच की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही मौके पर भौतिक सत्यापन कर दस्तावेजों में दर्ज कार्य से उसका मिलान किया जाना भी अहम होगा।
जिला पंचायत सीईओ बोले- मामला संज्ञान में आया, जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा, “यह मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।” अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि 78 हजार रुपए के भुगतान के अनुरूप वास्तव में मुरमीकरण कार्य कराया गया था या नहीं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

