Chhattisgarh Surajpur News: सूरजपुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में चंदौरा से जज़ावल तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बन रही डामरीकरण सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क निर्माण पूरा होने से पहले ही उसकी डामर की परतें हाथों से उखड़ने लगी हैं। इससे नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर सड़क की परत हाथों से उखाड़ी और उसका वीडियो बनाकर निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों के इंतजार के बाद क्षेत्र को सड़क की सौगात मिली थी, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब दिखाई दे रही है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सड़क की ऊपरी परत इतनी कमजोर है कि वह आसानी से हाथों से निकल रही है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह सड़क चंदौरा, चिकनी, जज़ावल, लांजित सहित कई ग्रामीण इलाकों को ओडगी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन यात्री बसों समेत सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और ग्रामीणों का आवागमन होता है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई तो सड़क जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण शुरू होने के बाद से ही गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान भी इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे क्षेत्रवासियों में ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी मनमाने तरीके से काम कर रही है, जबकि विभागीय इंजीनियरों की निगरानी भी सवालों के घेरे में है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क में शुरुआती स्तर पर ही ऐसी खामियां सामने आना सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने, गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच करवाने और दोषी ठेकेदार तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

