Mungeli News : प्रधानमंत्री आवास पर 3 महीने से प्रशासनिक स्टे, न्याय की मांग लेकर कलेक्टर जनदर्शन पहुंचा गरीब परिवार

Mungeli News : प्रधानमंत्री आवास पर 3 महीने से प्रशासनिक स्टे, न्याय की मांग लेकर कलेक्टर जनदर्शन पहुंचा गरीब परिवार

Mungeli News : मुंगेली। छत्तीसगढ़ सरकार जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का घर देने का दावा कर रही है, वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव के गृह विधानसभा क्षेत्र लोरमी में एक गरीब परिवार का आशियाना पिछले तीन महीनों से प्रशासनिक स्टे के कारण अधूरा पड़ा हुआ है। अब पीड़ित परिवार न्याय की मांग लेकर कलेक्टर जनदर्शन पहुंचा है और चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार सहित धरने पर बैठने को मजबूर होगा।

निजी जमीन पर बन रहा था प्रधानमंत्री आवास

मामला लोरमी तहसील क्षेत्र के ग्राम बेलसरी का है। यहां रहने वाले देवेंद्र कुमार और उनके परिजनों ने प्रशासन पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।

पीड़ित के अनुसार ग्राम बेलसरी स्थित खसरा नंबर 143/3 में सड़क किनारे उनकी 13 डिसमिल निजी जमीन दर्ज है। इसी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवार की सदस्य विमला बाई के नाम से आवास स्वीकृत हुआ था। मकान निर्माण का कार्य चौखट स्तर तक पहुंच चुका था।

शिकायत के बाद लगा निर्माण पर स्टे

इसी दौरान पीछे की जमीन के मालिक मनमोहन साहू ने शिकायत दर्ज कराई कि मकान का निर्माण सरकारी जमीन पर किया जा रहा है। शिकायत के बाद तहसीलदार लोरमी ने 29 जनवरी 2026 को निर्माण कार्य पर स्टे लगा दिया।

तब से मकान निर्माण पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है।

“सभी दस्तावेज देने के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई”

देवेंद्र कुमार का कहना है कि शिकायत पूरी तरह झूठी और दुर्भावनापूर्ण है। उनके पास जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें कई बार तहसील कार्यालय में प्रस्तुत किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।

परिवार का आरोप है कि लगातार तहसील और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही।

खराब हो गई सीमेंट, बरसात से बढ़ी चिंता

निर्माण कार्य रुके रहने के कारण परिवार को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार के मुताबिक करीब 50 बोरी सीमेंट खराब हो चुकी है और बरसात से पहले मकान अधूरा रहने के कारण रहने की समस्या खड़ी हो गई है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जमीन निजी है और दस्तावेज स्पष्ट हैं, तो आखिर तीन महीने से निर्माण कार्य पर रोक क्यों बनी हुई है।

सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो देंगे धरना

अपनी मांगों को लेकर देवेंद्र कुमार परिवार सहित कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे और आवेदन सौंपा। आवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर स्टे नहीं हटाया गया तो पूरा परिवार धरने पर बैठने को मजबूर होगा।

प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

वहीं इस मामले में जनदर्शन के दौरान शिकायत सुन रहे अपर कलेक्टर जीएल यादव ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


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