Chhattisgarh News: सूरजपुर। विश्रामपुर थाने के सामने चल रहा कांग्रेस नेताओं का आमरण अनशन और भूख हड़ताल प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर बैठे थे, जबकि दीपक बैज भूख हड़ताल कर रहे थे।
इस आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हुए। उन्होंने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ फर्जी मामला दर्ज किया गया है। बघेल ने कहा, “प्रदेश के कांग्रेसी चूड़ी पहनकर नहीं बैठे हैं। सरकार आती-जाती रहती है, लेकिन थानेदार का नाम हमेशा याद रखा जाएगा।” उन्होंने एसपी और आईजी को भी मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति सुधारने की बात कही।
बुधवार को सूरजपुर एसडीएम और एएसपी आंदोलन स्थल पहुंचे और कांग्रेस नेताओं से चर्चा की। अधिकारियों ने टीआई के निलंबन और आर्म्स एक्ट की धाराएं हटाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
आंदोलन समाप्त होने के बाद टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि न्याय के लिए चल रहे संघर्ष की राह में पहली मांग पूरी हुई है और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं दीपक बैज ने कहा कि आखिरकार न्याय की जीत हुई और प्रशासन ने कांग्रेस की सभी मांगें मान ली हैं।
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस के अनुसार भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के प्रतिष्ठान पर पहुंचे थे। वहां चुनावी जीत-हार को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि मित्तल पांडेय ने सत्ता का हवाला देकर नरेंद्र जैन को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।
इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली सोनी ने विश्रामपुर थाने में नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नरेंद्र जैन ने मित्तल पांडेय पर कटार तानकर धमकी दी थी। हालांकि पुलिस अब तक कथित कटार बरामद नहीं कर सकी है।

