रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हो रहे देश और प्रदेश के अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ सरकार के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया है। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा केवल ज्ञान का मूल्यांकन नहीं करती, बल्कि यह धैर्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम की भी परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में आगे बढ़ रहे युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
वर्षों की मेहनत और समर्पण का महत्वपूर्ण पड़ाव
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि परीक्षा का यह दिन अभ्यर्थियों के वर्षों की कठिन मेहनत, समर्पण और संघर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने युवाओं से परीक्षा कक्ष में शांत मन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रवेश करने तथा स्वयं पर अटूट विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों ने जिस प्रतिबद्धता और लगन के साथ मेहनत की है, वह स्वयं में प्रेरणादायक है।
मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच जरूरी
मंत्री ने कहा कि जीवन में बड़ी उपलब्धियां निरंतर प्रयास, दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच से ही हासिल होती हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों को तनावमुक्त रहने और किसी भी दबाव में आए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि असफलता कभी अंतिम नहीं होती और सफलता भी स्थायी नहीं होती। जीवन का हर अनुभव व्यक्ति को और अधिक मजबूत और परिपक्व बनाता है।
विकसित भारत के कर्णधार हैं युवा
राजेश अग्रवाल ने कहा कि देश के युवा विकसित और आत्मनिर्भर भारत की असली रीढ़ हैं। प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर युवा न केवल अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन करते हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ सहित देशभर के प्रतिभाशाली युवा इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्र सेवा के नए आयाम स्थापित करेंगे।
सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की जरूरत
मंत्री अग्रवाल ने सभी परीक्षार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सफलता की कामना करते हुए कहा कि आज देश को ऐसे सक्षम, संवेदनशील और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारियों की आवश्यकता है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सुशासन की रोशनी पहुंचा सकें।

