नई दिल्लीः Agriculture Budget Allocation 2026: वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए मोदी सरकार ने देश का आम बजट पेश कर दिया है। रविवार को देश की संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बजट पेश किया है। इस बजट में किसानों और पशुपालकों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि किसानों-पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए बजट में क्या-क्या योजनाएं हैं।
- छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा लाने पर जोर। तमाम मौकों के जरिए दिव्यांगों के सशक्तीकरण पर फोकस।
- मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।
- स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे।
- पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे।
- पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी।
- भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा।
- भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा।
- अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।
- एआई टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी।
छत्तीसगढ़ में कहां बनेगा माइनिंग कॉरिडोर
Agriculture Budget Allocation 2026: वित्तमंत्री ने देश में माइनिंग कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि देश के तीन राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को बड़ी सौगात दी है। वित्तमंत्री ने इन तीनों ही राज्यों के लिए खनन गलियारे का ऐलान किया है। मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में बॉक्साइट और चूना पत्थर खनन के लिए कई जगहों पर कॉरिडोर बनाया जाएगा। बॉक्साइट और चूना पत्थर के लिए कोरबा, जशपुर, बलरामपुर, बस्तर का चयन किया गया है। वहीं रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग में भी माइनिंग कॉरिडोर बनाया जाएगा। ये कॉरिडोर खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देंगे, जिससे चीन पर निर्भरता कम होगी और स्वदेशी उत्पादन मजबूत होगा। माइनिंग कॉरिडोर बनने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
देश के इन राज्यों में बनेंगे डेडिकेटेड मिनरल पार्क (Nirmala Sitharaman Budget speech live)
वित्त मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए 40 हजार करोड़ देंगे। 1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स बनाई जाएंगी, जहां साइंटिफिक रिव्यू हो सकेंगे। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए प्रोडक्शन और इंडियन आईपी बनाने, सप्लाई चेन बनाने के लिए प्रावधान किया गया है।इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट बनाने के लिए 40 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड फेसिलिसिटी बनाने की पहल की गई है। इसके लिए डेडिकेटेड मिनरल पार्क बनाए जाएंगे। हाई टेक टूल रूम दो लोकेशन पर हाई प्रेसिजन कंपोनेंट्स बनाने के लिए – इसके तहत टनल बोरिंग मशीन से लेकर मल्टी स्टोरीज में फायर फाइटिंग सिस्टम तक बनेंगे।

