CG News: झीरम घाटी कांड पर आज आ सकता है फैसला, NIA की स्पेशल कोर्ट ने सुरक्षित रखा है निर्णय, TS सिंहदेव ने घटना को लेकर फिर उठाए सवाल

CG News: झीरम घाटी कांड पर आज आ सकता है फैसला, NIA की स्पेशल कोर्ट ने सुरक्षित रखा है निर्णय, TS सिंहदेव ने घटना को लेकर फिर उठाए सवाल

Chhattisgarh Latest News: रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में NIA की स्पेशल कोर्ट शनिवार, 5 सितंबर को अपना फैसला सुना सकती है। दोनों पक्षों की अंतिम सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। पहले 31 अगस्त को फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन अदालत ने निर्णय टालते हुए अब 5 सितंबर की तारीख तय की थी।

फैसले से पहले झीरम घाटी कांड को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमले वाली जगह से ब्लास्ट होने से करीब पांच मिनट पहले उनकी गाड़ी निकल गई थी।

‘ब्लास्ट से पहले कई संदिग्ध गतिविधियां दिखी थीं’

टीएस सिंहदेव ने बताया कि घटनास्थल के पास एक महिला लाल साड़ी में बैठी थी और एक पिकअप वाहन खड़ा था। कुछ आगे जाने पर रुमाल बांधे हुए मोटरसाइकिल सवार लोग भी दिखाई दिए थे। सिंहदेव के मुताबिक, उन्होंने ये सभी जानकारियां अदालत के सामने अपने बयान में रखी हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का काफिला जगदलपुर से सुकमा की ओर जा रहा था। जिस क्षेत्र में हमला हुआ, वहां उन्हें कोई सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खुफिया विभाग (IB) की ओर से क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी को लेकर लिखित जानकारी दी गई थी और कांग्रेस की ओर से डीजीपी से लेकर एसपी तक को काफिले की जानकारी दी गई थी, तो इसके बावजूद वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी।

‘नक्सलवाद सिर्फ हथियार छोड़ने से खत्म नहीं होता’

नक्सलवाद को लेकर सिंहदेव ने कहा कि हथियार छोड़ चुके कुछ लोगों ने मीडिया के सामने यह बात कही थी कि वे नक्सली विचारधारा से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि केवल हथियार छोड़ देने से विचारधारा समाप्त नहीं हो जाती। ऐसे लोगों के दोबारा हिंसा की राह पर न लौटने को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

11 आरोपियों के खिलाफ चला अभियोजन

झीरम घाटी मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चला। इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में सुनवाई हुई। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य पेश किए और 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।गवाहों के बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। अब सभी की नजरें अदालत के निर्णय पर टिकी हैं कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया जाता है या उन्हें राहत मिलती है।


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