Balrampur News: पुलिया तैयार होने के बाद भी नहीं खुला रास्ता, जर्जर डायवर्सन में रोज फंस रहे वाहन

Balrampur News: पुलिया तैयार होने के बाद भी नहीं खुला रास्ता, जर्जर डायवर्सन में रोज फंस रहे वाहन

Chhattisgarh Balrampur News: बलरामपुर। जिले के शंकरगढ़ विकासखंड में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे करोड़ों रुपये के सड़क निर्माण कार्य की बदहाल तस्वीर सामने आई है। बादा से उदरसई होते हुए घटगांव मोड़ तक करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क इन दिनों राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क निर्माण के दौरान बनाई गई पुलिया का सिविल वर्क करीब एक माह पहले पूरा हो चुका है, इसके बावजूद उसे अब तक आम लोगों के आवागमन के लिए चालू नहीं किया गया है। ऐसे में ग्रामीणों को पुलिया के किनारे बनाए गए अस्थायी डायवर्सन से होकर गुजरना पड़ रहा है, जो बारिश के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुका है।

ग्रामीणों के अनुसार पुलिया का निर्माण पूरा होने के बाद भी उस पर आवागमन शुरू नहीं किया गया। इसके चलते लोगों को मिट्टी डालकर तैयार किए गए कच्चे डायवर्सन का सहारा लेना पड़ रहा है। बरसात के कारण डायवर्सन पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कीचड़ जमा है। हालत इतनी खराब है कि रोजाना कोई न कोई वाहन, चाहे बाइक हो, कार हो या पिकअप, इस डायवर्सन में फंस रहा है। कई बार वाहन चालकों को खुद धक्का लगाकर अपने वाहन बाहर निकालने पड़ते हैं।

इस मार्ग से आसपास के कई गांवों के स्कूली बच्चे रोजाना साइकिल और पैदल स्कूल आते-जाते हैं। जर्जर और फिसलन भरे डायवर्सन के कारण बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बच्चे रास्ते में फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं। खराब रास्ते के कारण कई बार बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक इस मार्ग की खराब स्थिति का असर मरीजों और उनके परिजनों पर भी पड़ रहा है। बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने के दौरान वाहन चालकों को डायवर्सन से गुजरने में काफी परेशानी होती है। रात के समय किसी आपात स्थिति में यह रास्ता और भी जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना पड़े तो जर्जर डायवर्सन बड़ी बाधा बन सकता है।

करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण होने के बावजूद अस्थायी डायवर्सन की स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की ओर से केवल खानापूर्ति के लिए मिट्टी डालकर डायवर्सन तैयार किया गया, जिसे बारिश के दौरान मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। लगातार वाहन फंसने से कई बार रास्ते में घंटों तक जाम की स्थिति भी बन जाती है।

पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में PWD विभाग और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का सवाल है कि जब पुलिया का निर्माण लगभग एक माह पहले पूरा हो चुका है तो फिर उसे आम लोगों के आवागमन के लिए अब तक क्यों नहीं खोला गया।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द पुलिया को आवागमन के लिए चालू कराने की मांग की है। साथ ही उनका कहना है कि जब तक पुलिया चालू नहीं होती, तब तक डायवर्सन को मुरूम और गिट्टी डालकर मजबूत एवं सुरक्षित बनाया जाए, ताकि स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वाले ग्रामीणों को राहत मिल सके। लोगों ने मांग की है कि करोड़ों रुपये की लागत से हो रहे सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाए।


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