America-Iran War: सीजफायर के बाद फिर बढ़ा अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज में हमले के जवाब में अमेरिकी एयर स्ट्राइक

America-Iran War: सीजफायर के बाद फिर बढ़ा अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज में हमले के जवाब में अमेरिकी एयर स्ट्राइक

America-Iran War Update: वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) के बाद शुरू हुई शांति प्रक्रिया एक बार फिर खतरे में पड़ती नजर आ रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 26 जून को ईरान के ड्रोन, मिसाइल भंडारण केंद्रों और तटीय रडार ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज पर ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई है, जिसे उसने युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर समझौता तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान ने जहाजों पर कम से कम चार ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ दागे। ट्रंप के मुताबिक, एक ड्रोन एक बड़े मालवाहक जहाज के ऊपरी हिस्से से टकराया, जबकि अमेरिकी सेना ने तीन अन्य ड्रोन को मार गिराया। उन्होंने इसे “सीजफायर समझौते का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन” करार दिया और चेतावनी दी कि इसके परिणाम ईरान को भुगतने होंगे।

सेंटकॉम ने किया जवाबी हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज स्थलों के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित तटीय रडार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका ने कहा कि उसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और युद्धविराम की शर्तों को लागू रखना है।

क्या फिर शुरू होगा युद्ध?

हालिया घटनाक्रम ने यह आशंका बढ़ा दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव फिर तेज हो सकता है। हालांकि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों ने युद्धविराम की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि यदि ईरान ने आगे भी आक्रामक कार्रवाई जारी रखी तो उसका जवाब दिया जाएगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर अड़ा ईरान

ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उसकी रणनीतिक सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभाव का सबसे बड़ा आधार है। तेहरान का मानना है कि इस जलमार्ग पर नियंत्रण उसके लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और सैन्य दबाव का साधन है। ईरानी नेतृत्व और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्पष्ट किया है कि वे इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।

इजरायल-लेबनान समझौते की भी कोशिश

इसी बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने इजरायल और लेबनान के बीच एक नए समझौते का मसौदा भी साझा किया है। प्रस्ताव के अनुसार लेबनानी सेना पूरे देश में प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगी और गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद इजरायली सेना चरणबद्ध तरीके से लेबनानी क्षेत्र से पीछे हटेगी। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी सभी पक्षों की सहमति बनना बाकी है।

दुनिया की नजर होर्मुज पर

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली रणनीति इस क्षेत्र की स्थिरता तय करेगी।


Related Articles