Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। बारिश के बाद बिलासपुर स्थित एफसीआई गोदाम में सड़ रहे चावल की तेज बदबू ने आसपास के व्यापारियों की परेशानी बढ़ा दी है। व्यापारियों के मुताबिक बारिश के दौरान गोदाम के अंदर पानी भर गया था, जिसके चलते नीचे रखी चावल की कई बोरियां खराब हो गईं। अब सड़े हुए चावल से उठ रही दुर्गंध इतनी तेज है कि गोदाम के आसपास कुछ देर खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि बारिश का पानी गोदाम के अंदर पहुंचने के कारण नीचे रखी चावल की बोरियां प्रभावित हुईं। पानी लगने के बाद चावल खराब हो गया और अब उससे लगातार तेज दुर्गंध उठ रही है। इसका असर आसपास के व्यापारिक क्षेत्र में भी महसूस किया जा रहा है।
व्यापारियों ने FCI प्रबंधन से की मुलाकात
समस्या को लेकर बिलासपुर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नानकराम खटूजा और व्यापारी दीपक गुप्ता एफसीआई गोदाम पहुंचे और मौके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वहां मौजूद डिप्टी प्रबंधक अनुकुमार से मुलाकात कर खराब चावल को जल्द से जल्द हटाने की मांग की।
व्यापारियों के मुताबिक बातचीत के दौरान एफसीआई प्रबंधन ने माना कि नीचे रखी कुछ चावल की बोरियां बारिश के पानी की वजह से खराब हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि पहले ऊपर रखे अच्छे चावल को हटाया जाएगा। इसके बाद नीचे रखे खराब चावल को बाहर निकालकर उसका निपटारा किया जाएगा।
2 से 4 दिन में कार्रवाई का आश्वासन
व्यापारियों का कहना है कि एफसीआई प्रबंधन ने समस्या दूर करने के लिए दो से चार दिन का समय मांगा है। फिलहाल व्यापारी प्रबंधन के आश्वासन पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में खराब चावल को नहीं हटाया गया तो वे एफसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की शिकायत करेंगे।
व्यापारियों के अनुसार बारिश के दौरान आसपास के कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी पानी घुस गया था, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में गोदाम से उठ रही सड़े चावल की दुर्गंध ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
खराब चावल हटाना FCI के सामने चुनौती
फिलहाल एफसीआई प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती खराब चावल को जल्द से जल्द गोदाम से बाहर निकालकर उसका उचित निपटारा करने की है। व्यापारियों को उम्मीद है कि प्रबंधन द्वारा दिए गए समय के भीतर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें तेज दुर्गंध से राहत मिलेगी। अब नजर इस बात पर है कि एफसीआई प्रबंधन अपने आश्वासन पर कितनी जल्दी अमल करता है।

