Chhattisgarh Balrampur News: बलरामपुर: बलरामपुर जिला डिजिटल रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में नई पहल की शुरुआत करने जा रहा है। जिला प्रशासन बलरामपुर-रामानुजगंज और प्रिज्मा एआई के बीच कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की स्थापना के लिए गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। इस पहल के साथ बलरामपुर डेटा लेबलिंग एवं एआई आधारित केंद्र स्थापित करने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और शिक्षित ग्रामीण युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। पायलट चरण में 10 सीटों वाला संचालन केंद्र शुरू किया जाएगा, जहां प्रशिक्षकों और गुणवत्ता पर्यवेक्षकों की निगरानी में चयनित प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
AI की ट्रेनिंग के बाद वास्तविक परियोजनाओं पर मिलेगा काम
चयनित प्रतिभागियों को एआई साक्षरता और डिजिटल कौशल के साथ डेटा लेबलिंग, इमेज एवं ऑब्जेक्ट टैगिंग, वर्गीकरण, सत्यापन और गुणवत्ता समीक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में उन्हें वास्तविक एआई परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि जिले के स्व-सहायता समूहों में बड़ी संख्या में 12वीं उत्तीर्ण और स्नातक महिलाएं हैं, जो स्मार्टफोन एवं कंप्यूटर चलाने में दक्ष हैं। इस पहल के माध्यम से इन महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने और जिले में ही नियमित आय के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रिज्मा एआई उठाएगी प्रशिक्षण और पारिश्रमिक का खर्च
समझौते के तहत कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की तकनीकी व्यवस्था, संचालन, प्रशिक्षण, प्रतिभागियों के पारिश्रमिक और इंटरनेट कनेक्टिविटी का खर्च प्रिज्मा एआई द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं जिला प्रशासन परिसर उपलब्ध कराने, हितग्राहियों के चयन और विभागीय समन्वय में सहयोग करेगा।
प्रिज्मा एआई के सीईओ डॉ. श्रीराम अय्यर ने बताया कि एआई सिस्टम को प्रशिक्षित करने के लिए बड़ी मात्रा में सटीक और गुणवत्तापूर्ण डेटा की आवश्यकता होती है। डेटा एनोटेशन के माध्यम से चित्रों, वस्तुओं और अन्य डेटा की पहचान, टैगिंग और वर्गीकरण किया जाता है। केंद्र में प्रशिक्षित प्रतिभागी एआई परियोजनाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण डेटा तैयार करेंगे, जिससे उन्हें तकनीकी अनुभव के साथ आय का अवसर भी मिलेगा।
1 से 7 अक्टूबर तक जिलेभर में लगेंगे सेवा सेतु शिविर
सेवा संकल्प अभियान के तहत 1 से 7 अक्टूबर 2026 तक जिले के सभी छह विकासखंडों में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करने के साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
शंकरगढ़ और राजपुर में इन स्थानों पर शिविर
शंकरगढ़ विकासखंड में 1 अक्टूबर को दोहना, 3 को बेलकोना, 5 को दुर्गापुर और 6 अक्टूबर को डीपाडीहकला में शिविर लगाए जाएंगे। राजपुर विकासखंड में 1 अक्टूबर को कोटडिहा, 2 को गोपालपुर, 3 को अलखडीहा, 4 को नगर पंचायत राजपुर, 5 को परसागुड़ी, 6 को बरियो और 7 अक्टूबर को खोडरो में शिविर आयोजित होगा।
वाड्रफनगर और कुसमी में भी होगा आयोजन
वाड्रफनगर में 1 अक्टूबर को रघुनाथनगर, 5 को पंडरी, 6 को प्रेमनगर और 7 अक्टूबर को चलगली में सेवा सेतु शिविर लगेगा। कुसमी में 1 अक्टूबर को करौंधा, 3 को चांदो, 4 को सामरी, 5 को मदगुरी और 6 अक्टूबर को सबाग में शिविर आयोजित किया जाएगा।
बलरामपुर विकासखंड में कई स्थानों पर शिविर
बलरामपुर विकासखंड में 1 अक्टूबर को दलधोवा, केरता, कपिलदेवपुर और सरनाडीह, 2 को तातापानी, 3 को नगर पालिका परिषद बलरामपुर और सरनाडीह, 4 को सेमली एवं भेलवाडीह, 5 को भैंसामुंडा, महाराजगंज एवं राधाकृष्णनगर, 6 को रनहत एवं तारकाखाड़ तथा 7 अक्टूबर को डौरा, लिलौटी, पस्ता एवं कण्डा में शिविर आयोजित होंगे।
रामचंद्रपुर में 1 से 7 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर शिविर
रामचंद्रपुर विकासखंड में 1 अक्टूबर को सनावल, 2 को आरागाही, 3 को डिंडो, 4 को महावीरगंज, 5 को रामचंद्रपुर और 6 अक्टूबर को त्रिकुंडा में शिविर लगेगा। 7 अक्टूबर को रामानुजगंज में सेवा सेतु शिविर आयोजित किया जाएगा।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से शिविरों का लाभ लेने की अपील की
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने पत्रकारों से सेवा सेतु शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक ग्रामीण अपने नजदीकी शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान करा सकते हैं और पात्रतानुसार शासकीय योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

