Rajnandgaon News: पहली बारिश में बहा करोड़ों का भरोसा! 15 दिन पहले शुरू हुए रेलवे ओवरब्रिज में दरारें, कोरबा में 3 करोड़ की पुलिया टूटी

Rajnandgaon News: पहली बारिश में बहा करोड़ों का भरोसा! 15 दिन पहले शुरू हुए रेलवे ओवरब्रिज में दरारें, कोरबा में 3 करोड़ की पुलिया टूटी

Rajnandgaon News: राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में मानसून की पहली तेज बारिश ने करोड़ों रुपये की निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनांदगांव जिले में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बने बरगा और आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज लोकार्पण के महज 15 दिन बाद ही क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, कोरबा जिले के भैसामुड़ा स्थित जोगीनाला पर करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बनी पुलिया भी पहली ही बारिश में टूट गई।

राजनांदगांव-डोंगरगढ़ मार्ग पर स्थित बरगा रेलवे ओवरब्रिज की सड़क रविवार सुबह बारिश के बाद बीच से फट गई। पुल पर लगभग 60 से 70 फीट लंबी और 10 से 12 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें पड़ गईं, जिससे पुल दो हिस्सों में बंटा नजर आया। वहीं आलीवारा ओवरब्रिज की सड़क का हिस्सा बह गया, किनारे की बाउंड्री टूट गई और तीन-चार स्थानों पर पुल का बेस धंस गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बैरिकेड्स लगाकर आवाजाही सीमित कर दी है।

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने पुल पर पहुंचकर रेलवे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और गुणवत्ता से समझौता किया गया। उनका कहना है कि पुल की गिट्टी और डामर हाथ से ही उखड़ रहे हैं, जबकि सीमेंट भी निम्न गुणवत्ता का प्रतीत हो रहा है।

हालांकि, गोंदिया रेलवे के असिस्टेंट इंजीनियर मिथिलेश कुमार ने कहा कि यह मिट्टी बैठने की प्रक्रिया हो सकती है और तकनीकी टीम निरीक्षण कर आवश्यक सुधार करेगी। वहीं निर्माण कंपनी घई कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजेंद्र सिंह घई ने दावा किया कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और धंसने का कोई खतरा नहीं है।

इधर, कोरबा जिले के करतला विकासखंड अंतर्गत भैसामुड़ा गांव में जोगीनाला पर करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बनी पुलिया भी पहली बारिश का बहाव नहीं झेल सकी। पुलिया का एक हिस्सा टूटकर बह गया, जिससे सड़क पर बड़े गड्ढे बन गए और आवागमन बाधित हो गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। इन घटनाओं के बाद प्रदेश में हाल ही में बने करोड़ों रुपये के पुलों और ओवरब्रिजों की निर्माण गुणवत्ता तथा निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


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