Mahadev Satta App Case: आज रायपुर CBI कोर्ट में पेश होगा सौरभ चंद्राकर, कस्टोडियल रिमांड मांग सकती है जांच एजेंसी

Mahadev Satta App Case: आज रायपुर CBI कोर्ट में पेश होगा सौरभ चंद्राकर, कस्टोडियल रिमांड मांग सकती है जांच एजेंसी

Mahadev Online Satta App Case: रायपुर: करीब 6 हजार करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को आज रायपुर की CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा। CBI उससे पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग कर सकती है। सौरभ को ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया है। मंगलवार को CBI की टीम उसे दिल्ली से फ्लाइट के जरिए रायपुर लेकर पहुंची थी।

दिल्ली से फ्लाइट के जरिए रायपुर लाया गया आरोपी

सौरभ चंद्राकर को मंगलवार को CBI की टीम फ्लाइट E6 2307 से दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची। एयरपोर्ट पर उसे गेट नंबर-2 से बाहर निकालने की तैयारी थी, लेकिन मीडियाकर्मियों की मौजूदगी के कारण उसे गेट नंबर-1 से बाहर निकाला गया। इसके बाद अधिकारी उसे गाड़ी में बैठाकर ले गए। इस दौरान कुछ समय के लिए एयरपोर्ट की लाइट भी बंद हो गई थी।

ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत पहुंचा सौरभ

CBI सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लेकर आई है। सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर उसे CBI के हवाले करने का आदेश दिया था, ताकि उसे रायपुर की संबंधित अदालत में पेश किया जा सके।

प्रत्यर्पण को लेकर आरोपी के वकील ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने ओमान की अदालत के आदेश का हवाला देते हुए CBI की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वकील का कहना था कि भारत की ओर से ओमान को भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध में ED के मामले को मंजूरी मिली थी, जबकि CBI के मामले को मंजूरी नहीं दी गई थी।

उन्होंने दलील दी कि प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुसार सौरभ के खिलाफ उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा सकती है, जिनके आधार पर उसे भारत लाया गया है। वकील ने इसे प्रत्यर्पण नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि CBI उसे अपने मामले में रिमांड पर नहीं ले सकती।

CBI ने कहा- गिरफ्तारी पर रायपुर कोर्ट करेगी फैसला

CBI की ओर से अदालत में कहा गया कि आरोपी के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत पहले ही ओपन एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। ओमान सरकार से मिली जानकारी के आधार पर उसे भारत लाया गया है।

CBI ने यह भी दलील दी कि ED और CBI के मामले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। दिल्ली की अदालत के सामने फिलहाल आरोपी को रायपुर की अदालत तक पहुंचाने के लिए ट्रांजिट रिमांड का सवाल था। प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमा चलाने के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर फैसला रायपुर की विशेष अदालत करेगी।

महादेव सट्टा ऐप मामले में CBI और ED कर रही जांच

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से जुड़ी 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं। इनमें से दो मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है और सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है।

CM साय बोले- प्रोटेक्शन मनी का होगा बड़ा खुलासा

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CBI को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रोटेक्शन मनी किन-किन लोगों तक पहुंचती थी, इसका बड़ा खुलासा होगा। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सौरभ चंद्राकर के खिलाफ कार्रवाई कांग्रेस सरकार के समय ही शुरू हुई थी। उस दौरान 70 से अधिक FIR दर्ज की गई थीं। कई गिरफ्तारियां भी हुई थीं और सट्टा ऐप बंद करने के लिए कानून भी बनाए गए थे।


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