Chhattisgarh Raipur News: छत्तीसगढ़ में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को लेकर श्रद्धा और उत्साह चरम पर है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना जताई है, जिसे श्रद्धालु महाप्रभु के स्वागत में प्रकृति का आशीर्वाद मान रहे हैं। उमड़ते बादलों और शीतल हवाओं ने रथयात्रा के उत्सव को और भी खास बना दिया है।
राजधानी रायपुर सहित धमतरी, बस्तर, महासमुंद, गरियाबंद, बिलासपुर, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकलेगी। बारिश की संभावना के बीच भक्तों का मानना है कि इंद्रदेव स्वयं महाप्रभु के स्वागत के लिए मेघों की फुहार बरसाने को तैयार हैं।
रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रथों को पारंपरिक शैली में आकर्षक ढंग से सजाया गया है और मंदिरों में वैदिक अनुष्ठानों का अंतिम दौर जारी है। शहर के पुरानी बस्ती, टूरी हटरी और सदर बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी उत्सव का माहौल बना हुआ है।
रायपुर की रथयात्रा की सबसे बड़ी विशेषता ‘छेरा पहरा’ की परंपरा है। इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री करीब सवा-सवा किलो वजनी स्वर्ण झाड़ू से भगवान के रथ मार्ग का शुद्धिकरण करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और समानता का संदेश देती है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2003 से रायपुर में पुरी धाम की तर्ज पर रथयात्रा निकाली जा रही है। इस वर्ष भी ओडिशा से आए कलाकारों ने रथों और मंदिर परिसर को पारंपरिक शैली में सजाया है, जबकि वैदिक अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से पुजारियों को आमंत्रित किया गया है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि इस बार महाप्रभु की यात्रा भक्ति, उल्लास और प्रकृति की शीतल फुहारों के बीच यादगार बनेगी।

