पाटन: पाटन ब्लॉक के ग्राम बेलौदी में कै-दस्त का प्रकोप अभी भी जारी है। मंगलवार को पांच नए मरीज मिलने के बाद अब तक कुल 55 लोग महिला, पुरुष और बच्चे इससे प्रभावित हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्थिति अब नियंत्रण में है, मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। आधा दर्जन मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि अन्य का इलाज अस्पताल में जारी है।
गांववासियों और स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, डायरिया फैलने से पहले बेलौदी बांध में लगातार तीन दिन तक मछली जाल चलाया गया, और ग्रामीणों ने इस मछली का सेवन किया। वहीं कुछ मरीजों का कहना है कि उन्हें गुपचुप खाने के बाद समस्या हुई। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के मल और पीने के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं ताकि बीमारी के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को अपने गृह ग्राम बेलौदी पहुंचे और पीड़ित मरीजों से मिलने के साथ पाटन अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने मृतक सरस्वती निषाद के परिजनों से भी मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
एसडीएम पाटन लवकेश ध्रुव पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम बेलौदी और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी और उपचार कार्य कर रही है। ग्रामीणों की जानकारी और प्रारंभिक जांच के आधार पर स्वास्थ्य विभाग दोनों संभावनाओं मछली खाने और गुपचुप खाने को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रहा है।

