त्विषा शर्मा मौत मामले में नया मोड़: समर्थ और गिरिबाला सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, जांच में उठे कई सवाल

त्विषा शर्मा मौत मामले में नया मोड़: समर्थ और गिरिबाला सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, जांच में उठे कई सवाल

Twisha Case : भोपाल। चर्चित त्विषा शर्मा मृत्यु प्रकरण में जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह की रिमांड आगे नहीं बढ़ाई। इसके बाद दोनों आरोपियों को भोपाल की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

रिमांड के दौरान कई दौर की पूछताछ

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक रिमांड अवधि के दौरान दोनों आरोपियों से कई चरणों में गहन पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब किए और उनके बयान दर्ज किए।

पूछताछ के दौरान सीबीआई ने घटना की परिस्थितियों, कथित प्रताड़ना, मारपीट और अन्य आरोपों को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

आरोपों से किया इनकार

जांच के दौरान गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया। दोनों का कहना है कि त्विषा शर्मा के साथ उनके संबंध सामान्य थे और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।

आरोपियों ने मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और साक्ष्यों से छेड़छाड़ जैसे आरोपों को भी नकारते हुए खुद को निर्दोष बताया है।

साक्ष्यों से किया जा रहा मिलान

सीबीआई अब आरोपियों के बयानों का उपलब्ध तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है। जांच एजेंसी मोबाइल डेटा, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की जांच कर मामले की वास्तविक परिस्थितियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

जांच में उठ रहे नए सवाल

रिमांड अवधि पूरी होने के बाद भी मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं। ऐसे में सीबीआई की आगे की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट इस प्रकरण में अहम भूमिका निभा सकती है।

फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि सीबीआई मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच में जुटी हुई है।


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