Chhattisgarh Weather Today: छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब वापसी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। वहीं शुक्रवार, 2 अक्टूबर को राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। अगले दो दिनों तक बारिश की गतिविधि सीमित रहने और तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रह सकता है। गुरुवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री और न्यूनतम 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
प्रदेश में अगले दो दिन मौसम रहेगा शुष्क
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों के दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। गुरुवार को भी प्रदेश में कहीं बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई। हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कुछ स्थानों पर बादल या हल्की बारिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा अब देश के कई हिस्सों से आगे बढ़ चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में गुजरात, मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के साथ छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं।
राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रारोड में सबसे कम तापमान
गुरुवार को प्रदेश में राजनांदगांव सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 19.4 डिग्री, बिलासपुर में 32.8 और 23.6 डिग्री तथा जगदलपुर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
अक्टूबर में बढ़ेगी गर्मी, बारिश की गतिविधियां होंगी सीमित
मानसून की विदाई के साथ प्रदेश में दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार आने वाले दिनों में कई हिस्सों में मौसम साफ रहने के साथ तापमान बढ़ सकता है। इससे दिन में गर्मी और कुछ क्षेत्रों में उमस का असर महसूस हो सकता है।
किसानों के लिए बदलते मौसम पर नजर रखना जरूरी
मानसून की वापसी के दौर में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों के लिए स्थानीय मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना उपयोगी रहेगा। विशेषकर बारिश या गरज-चमक की स्थानीय संभावना होने पर खुले क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहतर होगा।

