Major irregularities in the canal project: डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ क्षेत्र में देवकट्टा जलाशय से बेलगांव तक बनाई गई करीब 7.5 करोड़ रुपए की नहर परियोजना में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। ताजा निरीक्षण में नहर लाइनिंग की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई है, जिसके बाद निर्माण कार्य और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई जगहों पर लाइनिंग निर्धारित मानक से काफी कम मिली है और डेढ़ साल के भीतर ही नहर टूटने लगी है।
4 इंच की जगह 2 इंच से भी कम मिली लाइनिंग
जानकारी के मुताबिक नहर लाइनिंग की मोटाई 4 इंच तय की गई थी, लेकिन जांच के दौरान कई हिस्सों में यह 2 इंच से भी कम पाई गई। कमजोर कंक्रीट और घटिया निर्माण सामग्री के कारण नहर की लाइनिंग उखड़ने लगी है। कई स्थानों पर बेस लेयर तक खुल चुकी है, जिससे नहर की स्थिति किसी जर्जर नाली जैसी दिखाई दे रही है।
सिल्ट और कचरे से बाधित हो रहा जल प्रवाह
नहर में जगह-जगह सिल्ट और कचरा जमा होने से जल प्रवाह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, मुख्य नहर के साथ-साथ उससे जुड़ी माइनर नहरों में भी भारी लापरवाही सामने आई है। किनारों की फिलिंग अधूरी बताई जा रही है और पर्याप्त कंपैक्शन नहीं होने से बारिश में कटाव का खतरा बढ़ गया है।
निरीक्षण में खुली पोल, ठेकेदार को लगाई फटकार
बुधवार को विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्माण कार्य में कई तकनीकी खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने मामले को गंभीर मानते हुए ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई और दोषपूर्ण हिस्सों में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार मरम्मत कार्य भी शुरू करा दिया गया है।
किसानों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीणों और किसानों ने आरोप लगाया है कि अधूरे और घटिया निर्माण के बावजूद ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया गया। किसानों का कहना है कि यदि माप पुस्तिका और भुगतान रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच की जाए तो पूरी गड़बड़ी उजागर हो सकती है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो आगामी बारिश में नहर की लाइनिंग बह सकती है, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।

