छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: UCC पर समिति गठन, महिलाओं को रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% छूट

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: UCC पर समिति गठन, महिलाओं को रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% छूट

Chhattisgarh Cabinet Meeting: रायपुर: विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आम जनता, महिलाओं, सैनिकों और उद्योग क्षेत्र पर पड़ेगा।

सबसे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो विभिन्न वर्गों से सुझाव लेकर प्रारूप तैयार करेगी। यह पहल संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुरूप समान नागरिक कानून लागू करने की दिशा में मानी जा रही है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उनके नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की छूट देने का ऐलान किया है। हालांकि इससे सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा, लेकिन इसे महिला सशक्तिकरण के लिए अहम कदम माना जा रहा है।

सैनिकों और पूर्व सैनिकों को भी राहत देते हुए राज्य के भीतर 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25% छूट देने का निर्णय लिया गया है।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इससे सेवा क्षेत्र, PPP मॉडल और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा Ease of Doing Business में सुधार होगा।

खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए गौण खनिज नियमों में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। अवैध खनन पर सख्त जुर्माने (25 हजार से 5 लाख रुपये तक) का प्रावधान किया गया है और निष्क्रिय खदानों पर कड़े नियम लागू होंगे।

रेत खनन को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है, जिसके तहत सरकारी उपक्रमों को खदानें आरक्षित की जा सकेंगी, जिससे रेत की कमी और एकाधिकार की समस्या कम होगी।

पशुपालन क्षेत्र में सुधार के लिए दुग्ध पशु योजना में सभी वर्गों को शामिल किया गया है तथा National Dairy Development Board की सहायक कंपनी से टीकों की सीधी खरीद को मंजूरी दी गई है, जिससे पशुओं में रोग नियंत्रण बेहतर होगा।

इसके अलावा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन बंटवारे से जुड़े 10,536 करोड़ रुपये के वित्तीय मामले पर भी सहमति बनी है। इसमें से 2,000 करोड़ रुपये पहले ही मिल चुके हैं, जबकि बाकी राशि किस्तों में दी जाएगी।


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