Chhattisgarh Kawardha News: कवर्धा। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने ग्राम नकटी भूमि विवाद को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विवाद का समाधान करने के बजाय नकटी समेत छह गांवों की कुल 436.01 हेक्टेयर (करीब 1076 एकड़) भूमि को नगर विकास योजना में शामिल करने की तैयारी कर रही है।
मोहम्मद अकबर ने कहा कि शासकीय दस्तावेजों के अनुसार ग्राम नकटी, सेरीखेड़ी, मंदिर हसौद, रमचंडी, बरौंदा और रीको की भूमि के विकास के लिए निजी एजेंसी के माध्यम से योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इस प्रस्तावित योजना में वही विवादित भूमि भी शामिल है, जहां हाल ही में विध्वंस की कार्रवाई हुई थी और जिसे लेकर ग्रामीण लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी निविदा दस्तावेजों के अनुसार चयनित एजेंसी सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, विद्युत सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित करेगी। इसके बदले एजेंसी को मिश्रित उपयोग (मिक्स यूज) की भूमि विकसित करने और उसके विक्रय का अधिकार मिलेगा। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए सरकारी भूमि को निजी डेवलपर के माध्यम से बेचने की तैयारी की जा रही है। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 22 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
मोहम्मद अकबर ने कहा कि ग्राम नकटी का भूमि विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और प्रभावित परिवार अब भी अपने अधिकारों एवं न्याय की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को नई विकास योजना लागू करने से पहले प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जब तक नकटी के प्रभावित परिवारों को न्यायपूर्ण और सर्वसम्मत समाधान नहीं मिल जाता, तब तक विवादित क्षेत्र से जुड़े किसी भी विकास कार्य या भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।

