Chhattisgarh Janjgir-Champa News: जांजगीर-चांपा। नवागढ़ नगर पंचायत के राछाभांठा इलाके में सरकारी जमीन पर कथित बेजा कब्जे को लेकर विवाद बढ़ गया है। पुराने रहवासी कौशिक परिवार का आरोप है कि उनके घर से सटाकर निर्माण किए जाने के कारण मकान में सीपेज की समस्या बढ़ गई है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से विमला कौशिक पिछले सात दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी हैं।
विमला कौशिक का कहना है कि घर से सटाकर किए गए निर्माण के कारण मकान की दीवारों में सीपेज आ रहा है और बिजली की वायरिंग भी जल चुकी है। उन्होंने सरकारी जमीन पर किए गए कथित निर्माण को हटाने और मकान को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि इस संबंध में नगर पंचायत, कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों के मुताबिक राछाभांठा इलाके में कई स्थानों पर सरकारी जमीन पर कब्जे के बाद पक्के निर्माण किए जाने का आरोप है। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ मामलों में शिकायत के बाद जनप्रतिनिधि और पार्षद कब्जाधारियों के पक्ष में सामने आते हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ जगहों पर पट्टे की फोटो कॉपी दिखाकर कार्रवाई रोकने का प्रयास भी किया जाता है।
भूख हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार उमा कांत जायसवाल और नायब तहसीलदार महिला से चर्चा करने पहुंचे। अधिकारियों ने उनकी शिकायत सुनी और बेजा कब्जे से जुड़े मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। तहसीलदार के मुताबिक संबंधित जमीन नगर पंचायत के अधीन आती है। नगर पंचायत की ओर से पट्टे का सत्यापन नहीं होने के कारण आगे की कार्रवाई के लिए नगर पंचायत से चर्चा की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी विमला कौशिक ने भूख हड़ताल खत्म नहीं की है। उनका कहना है कि जब तक सरकारी जमीन पर किए गए कथित कब्जे के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शासकीय जमीन की स्थिति स्पष्ट करने और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

