Chhattisgarh Durg News: दुर्ग। केंद्रीय गोंड महासभा धमधा गढ़, तहसील इकाई दुर्ग एवं मुंडा परिक्षेत्र बघेरा के तत्वावधान में बुधवार को वीरांगना रानी दुर्गावती का 462वां बलिदान दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सिविल लाइन स्थित कंचना धुरवा देवालय में रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना कर माल्यार्पण किया गया तथा उनके अदम्य साहस और राष्ट्रहित में दिए गए बलिदान को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रीफल फोड़कर और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान उपस्थित समाजजनों ने “वीरांगना रानी दुर्गावती अमर रहें” के जयघोष लगाए। केंद्रीय गोंड महासभा धमधा गढ़ के उपाध्यक्ष यशपाल मंडावी ने रानी दुर्गावती के जीवन और उनके द्वारा समाज एवं देशहित में किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया।
तहसील उपाध्यक्ष बहादुर सिंह नेताम ने कहा कि रानी दुर्गावती ने मुगल साम्राज्य के खिलाफ वीरतापूर्वक युद्ध लड़ा और अपनी आन-बान-शान की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि पराजय स्वीकार करने के बजाय रानी दुर्गावती ने स्वयं अपनी कटार से प्राण त्याग दिए, लेकिन दुश्मनों के हाथ नहीं लगीं। मातृशक्ति की ओर से तहसील उपाध्यक्ष उषा ठाकुर ने भी संबोधित करते हुए रानी दुर्गावती के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इसके बाद मुंडा परिक्षेत्र बघेरा में महिलाओं और बच्चों के लिए कुर्सी दौड़, गोली-चम्मच दौड़, जलेबी दौड़ सहित विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को समाज की ओर से सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय गोंड महासभा धमधा गढ़ के उपाध्यक्ष यशपाल मंडावी, महासचिव गोरे लाल ठाकुर, कोषाध्यक्ष धनेश्वर धुर्वे, तहसील अध्यक्ष चुरामन कतलम, महावीर ठाकुर, बसंत ठाकुर, पूर्व तहसील अध्यक्ष गजराज नेताम, तुलसी ठाकुर, मनहरण ठाकुर, नोविल ठाकुर, उषा ठाकुर, तामेश्वरी ठाकुर, ममता ठाकुर, श्यामा ठाकुर, उषा धुर्वे, होमांशू कुंजाम, शिवकुमारी मरकाम, प्रभा मरकाम, बहादुर सिंह नेताम सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर समाज के वरिष्ठजनों ने मातृशक्ति, युवा शक्ति और वरिष्ठ नागरिकों से एकजुट होकर समाज को आगे बढ़ाने तथा प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

