CG News: कोरिया। छत्तीसगढ़ के चर्चित कटगोड़ी-नौगई तिहरे हत्याकांड को लेकर सियासत तेज हो गई है। मंगलवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बैकुंठपुर पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। भूपेश बघेल ने कहा कि यह हत्याकांड किसी सामान्य घटना का परिणाम नहीं बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र प्रतीत होता है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। इसलिए जिले में पदस्थ सभी जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों का तबादला कर स्वतंत्र एजेंसी से नए सिरे से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक पीड़ित परिवार को न्याय मिलना संभव नहीं है।
पीड़ित परिवार ने सुनाई आपबीती, CBI जांच की मांग
बैकुंठपुर में मृतक परिवारों से मुलाकात के दौरान परिजनों ने घटना से जुड़े कई पहलुओं को भूपेश बघेल के सामने रखा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा कि अब तक जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। परिवार के सदस्यों ने मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मुलाकात के दौरान माहौल भावुक हो गया। परिजनों ने कहा कि उन्हें न्याय की उम्मीद है और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा, “भूपेश है तो भरोसा है, दाऊ हमें आपसे बहुत उम्मीदें हैं।” परिवार ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते प्रशासन और पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
शिक्षा मंत्री के बयान पर भी साधा निशाना
मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिए गए बयानों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को पहले शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूल खुल चुके हैं लेकिन अब तक कई बच्चों को किताबें और शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। ऐसे में सरकार विकास और शिक्षा की चिंता छोड़कर केवल दिखावटी राजनीति में व्यस्त दिखाई दे रही है।
कौन थे भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह?
तिहरे हत्याकांड में मारे गए भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह क्षेत्र के प्रभावशाली व्यक्तियों में गिने जाते थे। वे सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके थे और क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ थी। पहले वे पूर्व मंत्री रामचंद्र सिंहदेव के करीबी माने जाते थे, जबकि वर्तमान में भाजपा से जुड़े हुए थे।
राजनीति के अलावा वे ठेकेदारी और क्रशर व्यवसाय से भी जुड़े थे। बताया जा रहा है कि उनके परिवार को हाल ही में रेत खदान का ठेका मिला था, जिसे लेकर दूसरे पक्ष से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी विवाद को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा, निष्पक्ष जांच की मांग
भूपेश बघेल के साथ पूर्व विधायक गुलाब कमरो और अंबिका सिंहदेव भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने घटना को कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और आम लोगों का कानून से भरोसा उठता जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को गंभीरता से उठाएगी और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
हत्याकांड को लेकर बढ़ा राजनीतिक तापमान
कटगोड़ी-नौगई तिहरे हत्याकांड अब केवल आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, वहीं पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति और गर्म होने की संभावना है।

