Chhattisgarh News: झीरम घाटी कांड में 13 साल बाद आया फैसला, NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को सुनाई फांसी

Chhattisgarh News: झीरम घाटी कांड में 13 साल बाद आया फैसला, NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को सुनाई फांसी

Jhiram Ghati Naxal Attack Case: जगदलपुरः छत्तीसगढ़ के बस्तर में साल 2013 के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में दोषी करार दिए गए 10 आरोपियों को NIA की विशेष अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 5 सितंबर को मामले में सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। झीरम घाटी मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी। ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। इसके बाद बाकी 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए।

दोषी पाए गए 10 आरोपियों पर क्‍या आरोप?

प्रमिला मोडियम ज्योति: मिलिट्री कंपनी नंबर-2 के कैडरों के साथ झीरम पहुंची, हमला किया और हथियार लूटे।
चैतू लेकाम: PLGA का सेक्शन कमांडर, पिड़िया से झीरम पहुंचा। FSL और अन्य सबूतों से जब्त विस्फोटकों का हमले से संबंध सामने आया।
सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम: हमले में शामिल रहा।
मुक्का मंडावी: हथियार के साथ हमले में शामिल हुआ, पुलिसकर्मियों के हथियार छीनने समेत अन्‍य भूमिका।
कवासी कोसा: झीरम हमले में शामिल हुआ और पुलिसकर्मियों के हथियार लूटे।
आयता मडकम: कोलेंग और कंडानार से चावल व अन्य लॉजिस्टिक सामग्री जुटाकर झीरम पहुंचाने की व्यवस्था की।
मड़कमि देवा: दरभा डिवीजन कमेटी का सदस्य, हमले के लिए लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई।
जोगा मड़कमी: हमले में शामिल होने समेत अन्‍य भूमिका।
बंजामी सना: दरभा डिवीजन कमेटी की सदस्य, हमले के लिए चावल और अन्य लॉजिस्टिक जुटाए, फंड के लिए वसूली का भी आरोप।
महादेव: दर्ज बयान के अनुसार घटनास्थल पर मौजूदगी और हमले में भूमिका की पुष्टि।

25 मई 2013 को परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हमला

25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का काफिला सुकमा से जगदलपुर लौट रहा था। काफिले में कांग्रेस के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में नक्सलियों ने सड़क पर पेड़ गिराकर काफिले का रास्ता रोक दिया। काफिला रुकते ही नक्सलियों ने हमला कर दिया। हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और कांग्रेस नेता उदय मुदलियार समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में 10 सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए थे।

झीरम घाटी में मारे गए 32 लोग

नंद कुमार पटेल- तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
दिनेश पटेल- नंद कुमार पटेल के पुत्र
महेंद्र कर्मा- पूर्व नेता प्रतिपक्ष, बस्तर टाइगर
उदय मुदलियार- पूर्व विधायक, राजनांदगांव
गोपीचंद माधवानी- कांग्रेस नेता
विद्याचरण शुक्ल पूर्व केंद्रीय मंत्री- – हमले में घायल हुए, बाद में उपचार के दौरान निधन
योगेंद्र शर्मा- कांग्रेस नेता
राजेश चंद्राकर- कांग्रेस कार्यकर्ता
मनोज जोशी- कांग्रेस कार्यकर्ता
अभिषेक गोलछा- कांग्रेस कार्यकर्ता
गणपत नाग- कांग्रेस कार्यकर्ता
अल्लाहनूर (अलानूर)- भिंडसरा कांग्रेस कार्यकर्ता
सदाशिव नाग- स्थानीय कार्यकर्ता
भागीरथी- स्थानीय कार्यकर्ता
राजकुमार- कार्यकर्ता
चंदर माझी- कार्यकर्ता
प्रहलाद मांझी- कार्यकर्ता
मुकेश कर्मा- महेंद्र कर्मा के पुत्र/परिवार से संबंधित
इमानुएल केरकेट्टा- एएसआई, पुलिस
पात्रिक खलखो- पुलिस जवान
चंद्रहास ध्रुव- पुलिस जवान
राहुल प्रताप सिंह- पुलिस जवान
पवन कोंड्रा- पुलिस जवान
तरुण देशमुख- पुलिस जवान
दीपक उपाध्याय- पुलिस जवान
अशोक कुमार- पुलिस जवान
प्रफुल्ल शुक्ला- पुलिस जवान
सियाराम- पुलिस जवान
लव कुमार भगत- पुलिस जवान
कृष्णपाल सिंह- पुलिस जवान
मनारूराम बेंजाम- पुलिस जवान
बेंजामी हांदो- पुलिस जवान


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