Bhilai News : HRA Scam में बीएसपी-एचएससीएल आवासधारियों पर शिकंजा, दोषी पाए जाने पर होगी वसूली

Bhilai News : HRA Scam में बीएसपी-एचएससीएल आवासधारियों पर शिकंजा, दोषी पाए जाने पर होगी वसूली

Chhattisgarh Bhilai News : छत्तीसगढ़ के भिलाई में शिक्षा विभाग में गृह भाड़ा भत्ता (HRA) के भुगतान को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) और हिंदुस्तान स्टील कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (HSCL) के आवास आवंटित होने के बावजूद 331 कर्मचारियों द्वारा HRA लेने की शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को मामले की विस्तृत जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

मामले की शिकायत राज्य पेंशनर एवं कल्याण संघ के कोषाध्यक्ष रुद्रनारायण सिन्हा ने की थी। शिकायत के बाद जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित कर्मचारी वास्तव में संस्थागत आवास में रह रहे थे या नहीं, उन्होंने विभाग को इसकी जानकारी दी थी अथवा नहीं और कितने समय तक HRA का लाभ लिया गया।

करोड़ों रुपये की रिकवरी की संभावना

शिकायतकर्ता के अनुसार, यदि जांच में अनियमित भुगतान की पुष्टि होती है तो वसूली की राशि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है। कई कर्मचारी वर्षों से हर महीने 8 से 14 हजार रुपये तक HRA प्राप्त कर रहे थे। ऐसे में एक कर्मचारी द्वारा लाखों रुपये का अतिरिक्त लाभ लेने की आशंका जताई जा रही है।

इन दस्तावेजों की होगी जांच

जांच के दौरान आवास आवंटन रिकॉर्ड, वेतन बिल, HRA स्वीकृति दस्तावेज, सेवा पुस्तिका और कर्मचारियों द्वारा दिए गए घोषणापत्रों का मिलान किया जाएगा। साथ ही BSP और HSCL से आवास आवंटन संबंधी जानकारी भी मंगाई गई है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई

यदि जांच में कोई कर्मचारी संस्थागत आवास में रहते हुए नियमों के विरुद्ध HRA लेते पाया जाता है, तो उससे अनियमित रूप से प्राप्त राशि की वसूली की जाएगी। इसके अलावा कारण बताओ नोटिस, विभागीय जांच, वेतनवृद्धि रोकने और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामलों में पेंशन अथवा अन्य देयकों से राशि समायोजित किए जाने का भी प्रावधान है।

भुगतान और सत्यापन व्यवस्था पर उठे सवाल

इस मामले ने शिक्षा विभाग की भुगतान और सत्यापन प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों को संस्थागत आवास मिलने के बावजूद HRA का भुगतान कैसे होता रहा, इसे लेकर विभागीय प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है। अब सभी जिला शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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