Chhattisgarh Ambikapur News: अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन द्वारा श्री अग्रवाल सभा अंबिकापुर एवं सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा के आतिथ्य में आयोजित दो दिवसीय “अग्र महाकुंभ 2026 — सेवा, शक्ति और सामर्थ्य का संगम” का रविवार को भव्य समापन हुआ। महाकुंभ के दूसरे दिन सामाजिक चिंतन, आधुनिक तकनीक, स्वास्थ्य जागरूकता, पारिवारिक संस्कार, संगठनात्मक विमर्श और प्रतिभा सम्मान से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली 18 प्रतिभाओं को “छत्तीसगढ़ स्तरीय दशम अग्र अलंकरण समारोह 2026” में सम्मानित किया गया, जबकि तीन प्रतिभाओं को “अग्र विशिष्ट सम्मान” प्रदान किया गया।
समारोह में अग्र महाकुंभ के संरक्षक एवं छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक सियाराम अग्रवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक बूवानीवाला तथा छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल सहित राष्ट्रीय, प्रांतीय और क्षेत्रीय पदाधिकारी, समाजसेवी एवं गणमान्यजन मौजूद रहे।
द्वितीय दिवस के खुले सत्र में बदलते सामाजिक परिवेश में अग्रवाल समाज की भूमिका, संगठन की आगामी दिशा, सामाजिक सरोकार, नई पीढ़ी की सहभागिता और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने संगठन को मजबूत करने, सेवा गतिविधियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा युवा पीढ़ी को सामाजिक संगठनों से जोड़ने पर जोर दिया।
महाकुंभ में आयोजित “डॉक्टर टॉक शो” में विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बाल स्वास्थ्य, एडल्ट वैक्सीनेशन, डायबिटीज, थायराइड, मोटापा, रक्त संबंधी समस्याओं, आईवीएफ एवं नि:संतानता उपचार और कैंसर की समय पर पहचान एवं उपचार जैसे विषयों पर जानकारी दी। इस दौरान डॉ. विकास गर्ग, पत्थलगांव का सम्मान भी किया गया। सत्र का समन्वय दीक्षा अग्रवाल ने किया।
“दशम अग्र अलंकरण समारोह 2026” में शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय, उद्यमिता, समाजसेवा, चिकित्सा, खेल, कला-संस्कृति, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और अन्य क्षेत्रों में योगदान के लिए 18 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. संजय अग्रवाल, बिल्हा को “अग्र-दीप पुरस्कार”, वैभवी अग्रवाल, रायपुर को “अग्र-गौरव पुरस्कार”, राजेन्द्र अग्रवाल ‘राजू’, बिलासपुर को “अग्र-भूषण पुरस्कार”, विनोद अग्रवाल, अंबिकापुर को “अग्र-दानी पुरस्कार”, राजेश अग्रवाल, लखनपुर को “अग्र-शिखर पुरस्कार”, महेन्द्र सेक्सरिया, दुर्ग को “अग्र-शिरोमणि पुरस्कार” और सुधीर सुल्तानिया, रायपुर को “अग्र-श्री पुरस्कार” प्रदान किया गया।
इसके अलावा डॉ. अंकिता गोयल, अंबिकापुर, प्रगति अग्रवाल, लखनपुर, महेन्द्र बागड़ोदिया, रायपुर, डॉ. पल्लवी अग्रवाल, रायपुर, तनिषा अग्रवाल, अंबिकापुर, नमित जैन, रायपुर, जयनारायण ‘राहुल’ अग्रवाल, बसना, ममता अग्रवाल, अंबिकापुर, सौम्या जिंदल, कांसाबेल, दादूराम अग्रवाल, रायपुर तथा अग्रवाल सभा अंबिकापुर को भी विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
“अग्र विशिष्ट सम्मान” से आयुष सांवड़िया, बाराद्वार, सैन्टी सोनाभ गर्ग, कटघोरा और रचना नितेश गोयल को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान चयनित प्रतिभाओं की उपलब्धियों और समाज के प्रति उनके योगदान का परिचय भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के संयोजक ललित अग्रवाल, रायपुर तथा सह-संयोजक पंकज अग्रवाल, डॉ. विजय गोयल और वर्षा अग्रवाल, अंबिकापुर सहित पूरी टीम ने आयोजन को सफल बनाने में भूमिका निभाई।
छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल ने कहा कि अग्र अलंकरण का उद्देश्य समाज की प्रतिभाओं को पहचान देना और उनकी उपलब्धियों को नई पीढ़ी के सामने प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक प्रतिभाएं बिना प्रचार और अपेक्षा के निरंतर कार्य कर रही हैं, जिन्हें सामाजिक मंच के माध्यम से पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
दूसरे दिन आयोजित “परिवारोत्सव” में सूरत के मोटिवेशनल स्पीकर मनीष भाई वघासिया ने परिवार में प्रेम, संवाद, आपसी विश्वास, बुजुर्गों के सम्मान और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत परिवार ही सशक्त समाज की आधारशिला है। सत्र का संयोजन मुकेश गर्ग, सूरजपुर ने किया।
समापन अवसर पर दो दिवसीय अग्र महाकुंभ की विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों का सिंहावलोकन किया गया। आयोजन की सफलता में योगदान देने वाले पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, मेजबान संस्थाओं, सहयोगियों, अतिथियों और प्रदेशभर से पहुंचे समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। दो दिनों तक चले महाकुंभ में सामाजिक चिंतन, संगठन, महिला एवं युवा सहभागिता, स्वास्थ्य जागरूकता, व्यापार, परिवार, संस्कृति, साहित्य और प्रतिभा सम्मान जैसे विषयों पर कार्यक्रम हुए और आयोजन का समापन सेवा, संस्कार, संगठन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।

