Raipur Latest News: 4700 से अधिक मरीजों का हो चुका उपचार, फूल चौक में 8 और 9 नवंबर को मुफ्त नेत्र जांच शिविर

Raipur Latest News: 4700 से अधिक मरीजों का हो चुका उपचार, फूल चौक में 8 और 9 नवंबर को मुफ्त नेत्र जांच शिविर

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। दीपावली के दौरान पटाखों से आंखों में चोट लगने और झुलसने की घटनाओं को देखते हुए वरिष्ठ नेत्र एवं कॉन्टेक्ट लेंस विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र इस वर्ष भी नि:शुल्क नेत्र परीक्षण एवं उपचार शिविर आयोजित कर रहे हैं। लगातार 36वें वर्ष आयोजित होने वाला यह 71वां शिविर 8 नवंबर से 9 नवंबर की रात तक फूल चौक स्थित रायपुर नेत्र चिकित्सालय में संचालित होगा।

दीपावली के दौरान पटाखों से आंखों में गंभीर चोट लगने की घटनाएं सामने आती हैं। त्योहार के समय चिकित्सकों की अनुपलब्धता और मरीजों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए वर्ष 1991 में इस विशेष शिविर की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य पटाखों से झुलसे और आंखों में चोट लगने वाले लोगों को तत्काल नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। पिछले 36 वर्षों में इस शिविर के माध्यम से 4700 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। इसी तरह होली के अवसर पर भी शिविर आयोजित किया जाता है।

डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि दीपावली ज्योति का पर्व है और आंखों की रोशनी अनमोल है। पटाखे चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी किसी की नेत्र ज्योति के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने लोगों से पटाखे चलाते समय सुरक्षा और सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बम, अनार और रॉकेट जैसे पटाखे जलाते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखें। पटाखों को अधिक झुककर न जलाएं, क्योंकि कई बार पटाखे अनुमान से पहले फट जाते हैं। पटाखों को जलाकर सड़क पर नहीं फेंकना चाहिए। छोटे बच्चों को अकेले पटाखे नहीं चलाने देना चाहिए और जलते दीपक व मोमबत्ती के पास भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।

डॉ. मिश्र के अनुसार, पटाखे शरीर के नजदीक फटने से हाथ, चेहरा, आंखें और कपड़े झुलस सकते हैं। आंखों के आसपास की त्वचा, भौंहें, पलकें और आंखों के अंदरूनी हिस्से तक प्रभावित हो सकते हैं। पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बारूद, गैस, कोयले और अन्य कण आंखों में जाने से पलक, कंजेक्टाइवा, पुतली और आंखों के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है। बड़े पटाखों से गंभीर चोट लगने पर आंखों में खून उतरने, मोतियाबिंद होने और पर्दा क्षतिग्रस्त होने तक का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में तेज जलन, दर्द, धुंधलापन और कसक जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

यदि पटाखा आंखों के पास फट जाए और जलन या दर्द जैसी परेशानी हो तो आंखों को बिल्कुल न रगड़ें। डॉ. मिश्र ने सलाह दी है कि चेहरे और आंखों को साफ पानी से धोएं, ताकि गर्म राख और अन्य हानिकारक कण हट सकें। आंखों में चोट या परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

पटाखों से आंखों में चोट लगने वाले मरीजों के लिए 8 नवंबर से 9 नवंबर की रात तक रायपुर नेत्र चिकित्सालय, फूल चौक में नि:शुल्क परीक्षण एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके लिए 0771-4026101 और 98274-00859 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। डॉ. मिश्र ने लोगों से अपील की है कि त्योहार की खुशियों के बीच आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। थोड़ी सी सावधानी किसी की जिंदगीभर की नेत्र ज्योति बचा सकती है।


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