Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। ओबीसी जाति जनगणना और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ में ओबीसी समाज ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय ओबीसी महासभा के आह्वान पर बेमेतरा में समाज के लोगों ने केंद्र सरकार के 14 अगस्त 2026 के गजट नोटिफिकेशन का विरोध किया और उसकी प्रतियां जलाकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। वहीं कोंडागांव-बस्तर क्षेत्र में भी ओबीसी समाज ने जाति जनगणना और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया।
ओबीसी समाज की प्रमुख मांग है कि जनगणना 2027 में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह ओबीसी के लिए भी अलग कॉलम या प्रावधान रखा जाए। समाज का कहना है कि वर्तमान हाउसहोल्ड और पर्सन शेड्यूल में एससी-एसटी के लिए अलग व्यवस्था है, जबकि ओबीसी के लिए जातिगत जानकारी दर्ज करने का ऐसा प्रावधान नहीं है।
राष्ट्रीय ओबीसी महासभा की ओर से कहा गया कि ओबीसी की वास्तविक आबादी और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े सामने लाने के लिए जातिगत जनगणना जरूरी है। संगठन के मुताबिक, इन आंकड़ों के आधार पर आरक्षण, सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्धारण में मदद मिल सकती है।
बेमेतरा में प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम के निर्देशन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री तथा महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त के नाम नायब तहसीलदार जयंत पटले को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में जनगणना 2027 में ओबीसी को तीसरी श्रेणी के रूप में शामिल करने और जाति संबंधी जानकारी दर्ज करने की मांग की गई।
कोंडागांव-बस्तर में भी प्रदर्शन के दौरान ओबीसी समाज ने अपनी जनसंख्या के सही आंकड़े जुटाने और आंकड़ों के आधार पर अधिकार सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने जातिगत जनगणना और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
बेमेतरा में प्रदर्शन और ज्ञापन के दौरान पंचम साहू, रोमनलाल जायसवाल, नानकराम साहू, लोकेश वर्मा, शांति साहू, हितेंद्र सिन्हा, दिनेश गंगबेर, मिथिलेश वर्मा, मोहित वर्मा, भागवत साहू, बेला रानी सोनी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समाज के लोग मौजूद रहे।

