Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। कथित कोयला घोटाला मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की विशेष अदालत में आरोपियों की पेशी हुई। सुनवाई के लिए कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय और कांग्रेस नेता विनोद तिवारी कोर्ट पहुंचे। मामले में ACB-EOW की ओर से 9 आरोपियों को समन जारी किया गया था। आज मामले में अंतिम चालान पेश किए जाने की संभावना जताई गई है।
कोर्ट पहुंचने के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है, लेकिन प्रदेश सरकार पर उन्हें और जनता को भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रही जांच के बाद अब चार्जशीट पेश की जा रही है। देवेंद्र यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे कांग्रेस और राहुल गांधी के सिपाही हैं और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पहले भी जेल की सलाखें उनका हौसला नहीं तोड़ पाईं, ऐसे में यह कार्रवाई भी उनका हौसला नहीं तोड़ सकती।
चिंतामणि महाराज को लेकर देवेंद्र यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच की शुरुआत में उनका नाम FIR में प्रमुखता से था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उनका नाम मामले से गायब हो गया। उन्होंने इसे भाजपा की कार्यप्रणाली बताते हुए दावा किया कि पार्टी में शामिल होने के बाद मामलों में बदलाव का यह उदाहरण है। ये आरोप देवेंद्र यादव ने मीडिया से चर्चा के दौरान लगाए हैं।
कोल लेवी प्रकरण को लेकर जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2020 से 2022 के दौरान छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन पर अवैध शुल्क वसूले जाने का आरोप है। जांच के अनुसार, ऑनलाइन ई-परमिट व्यवस्था में बदलाव के बाद मैन्युअल अनापत्ति प्रमाण पत्र की व्यवस्था लागू की गई थी। आरोप है कि इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल कर कोयले के परिवहन के एवज में प्रति टन 25 रुपये की दर से अवैध वसूली की गई और इसके लिए एक समानांतर नेटवर्क संचालित किया गया।
जांच एजेंसियों के दावों के अनुसार, वर्ष 2020 से 2022 के दौरान इस कथित अवैध लेवी के जरिए करीब 500 से 540 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्रित किए जाने का अनुमान है। जांच में इस राशि के इस्तेमाल और वितरण को लेकर भी कई आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों और मामले से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।

