Chhattisgarh Mahasamund News: महासमुंद। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महासमुंद जिला पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। सिंघोड़ा पुलिस ने जहां एक जेट्टा कार में बनाए गए गुप्त चेंबर से भारी मात्रा में गांजा जब्त कर बिहार के एक तस्कर को दबोचा, वहीं बसना पुलिस ने 274 किलो गांजा तस्करी के पुराने मामले में फरार चल रहे एक अंतर्राज्यीय आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है।
सिंघोड़ा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक जेट्टा कार में गांजे की बड़ी खेप छत्तीसगढ़ लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 स्थित रेहटीखोल के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका। गहन तलाशी के दौरान कार की डिक्की में विशेष रूप से तैयार किया गया एक सीक्रेट चेंबर मिला। जब चेंबर को खोला गया, तो उसमें छिपाकर रखे गए 18 पैकेटों से कुल 37.940 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
पूछताछ में कार चालक ने अपना नाम श्रवण यादव (39 वर्ष), निवासी ग्राम अमाव, थाना चैनपुर, जिला कैमूर (बिहार) बताया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह यह गांजा ओडिशा के मदन रामपुर से लेकर रायपुर पहुँचाने जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से 18.97 लाख रुपये मूल्य का गांजा, लगभग 6 लाख रुपये कीमत की जेट्टा कार और 5 हजार रुपये का मोबाइल फोन (कुल संपत्ति की कीमत 25.02 लाख रुपये) जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
दूसरे मामले में, जिले की बसना पुलिस ने 274 किलोग्राम गांजा तस्करी के चर्चित मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पकड़ा गया आरोपी अंतरराज्यीय गांजा तस्करी सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष 28 फरवरी को पलसापाली बैरियर पर जांच के दौरान एक ‘मूवर्स एंड पैकर्स’ वाहन से 274 किलो गांजा जब्त किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि राजस्थान के चुरू जिले का निवासी राकेश गड़सा उर्फ दिलबाग सिंह (29 वर्ष) गांजे की सौदेबाजी, पैकिंग और उसे घरेलू सामान के नीचे छुपाकर लोड करवाने की मुख्य साजिश में शामिल था। वारदात के बाद से वह पहचान बदलकर फरार था। पुलिस इस मामले में वाहन चालक, सप्लायर और मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

