Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और खम्हारडीह थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बैकवर्ड लिंक की जांच करते हुए ओडिशा से रायपुर तक नशीली गोलियों की सप्लाई करने वाले बस ड्राइवर संजय नाग (46 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस अंतर्राज्यीय नशा तस्करी गिरोह के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप की संयुक्त मॉनिटरिंग में की गई।
पहले पकड़े गए आरोपियों से मिला था ओडिशा कनेक्शन
पुलिस ने इससे पहले खम्हारडीह क्षेत्र के चंडी नगर से सुनील बघेल और सचिन महानंद नामक दो युवकों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 459 नग नाइट्रोसन-10 (Nitrosun-10) टैबलेट्स और नकदी जब्त की गई थी, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹1,83,800 आंकी गई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें यह नशीली टैबलेट्स ओडिशा के संबलपुर निवासी बस चालक संजय नाग उपलब्ध कराता था, जो कमीशन लेकर अंतर्राज्यीय बस के जरिए सप्लाई करता था।
संबलपुर से हुई गिरफ्तारी, नेटवर्क की जांच जारी
मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने संबलपुर (ओडिशा) में दबिश देकर आरोपी ड्राइवर संजय नाग को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने नशीली गोलियों की तस्करी करने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों और खरीदारों की पहचान कर एंड-टू-एंड जांच में जुटी है।
परिवहन संचालकों को चेतावनी
रायपुर पुलिस ने सभी बस संचालकों और ट्रांसपोर्टरों से अपील की है कि संदिग्ध पार्सल या गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षा नियमों की अनदेखी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ट्रांसपोर्टर और संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

