CG Balrampur News: बलरामपुर। जिले में इन दिनों डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर गंभीर अव्यवस्था की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी बताई जा रही है, जबकि कुछ पंप पूरी तरह ड्राई होने की स्थिति में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर स्टॉक होने के बावजूद आम उपभोक्ताओं को डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जा रहा, जिससे किसानों, वाहन चालकों और ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
खरीफ सीजन के बीच खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आने से डीजल की मांग बढ़ गई है। ट्रैक्टर, सिंचाई पंप और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन के लिए किसान डीजल पर निर्भर हैं, लेकिन कई पेट्रोल पंपों पर या तो ईंधन उपलब्ध नहीं है या सीमित मात्रा में वितरण किया जा रहा है। इससे कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है।
सबसे अधिक नाराजगी उस स्थिति को लेकर है जब रास्ते में वाहन का पेट्रोल या डीजल समाप्त हो जाने पर लोग डब्बा या जरकिन लेकर पेट्रोल पंप पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें आधा लीटर या एक लीटर तक ईंधन देने से भी मना कर दिया जाता है। लोगों का कहना है कि वाहन को पेट्रोल पंप तक पहुंचाने के लिए आवश्यक न्यूनतम मात्रा में भी ईंधन नहीं मिलने से उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलने को लेकर आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। सोशल मीडिया पर भी पंपों के बाहर बहस और हंगामे के वीडियो सामने आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो जनआक्रोश आंदोलन का रूप ले सकता है।
ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि कई पेट्रोल पंप संचालक यह कहकर जरकिन में डीजल देने से मना कर रहे हैं कि उन्हें इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रशासनिक निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं।
हालांकि शासन और संबंधित विभाग लगातार दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य है। इसके बावजूद बलरामपुर, राजपुर, रनहत, कदौरा और आसपास के क्षेत्रों में जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। लोगों का सवाल है कि यदि पर्याप्त स्टॉक मौजूद है तो फिर कई पेट्रोल पंपों पर किल्लत और ड्राई होने जैसी स्थिति क्यों बन रही है।
बड़ा सवाल
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब विशेष परिस्थितियों में किसानों को जरकिन में डीजल देने की अनुमति की बात कही जाती है, तो फिर पेट्रोल पंपों पर किसानों और आम लोगों को ईंधन क्यों नहीं मिल रहा? यदि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, तो कई पंपों पर संकट जैसी स्थिति आखिर क्यों बनी हुई है? जनता अब प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप कर ईंधन वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने की मांग कर रही है, ताकि खेती-किसानी, परिवहन और आम जनजीवन प्रभावित न हो।

