Twisha Sharma Death Case : भोपाल। चर्चित ट्विशा शर्मा मृत्यु प्रकरण में गिरफ्तार रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सीबीआई की विशेष अदालत के आदेश के बाद दोनों को 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल में रखा जाएगा। जेल पहुंचने पर गिरिबाला सिंह को कैदी नंबर 71 और समर्थ सिंह को कैदी नंबर 1782 आवंटित किया गया है।
सुरक्षा के बीच अलग-अलग बैरकों में रखे गए आरोपी
जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से दोनों आरोपियों को अलग-अलग बैरकों में रखा है। रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को महिला बैरक के मेडिकल खंड में निगरानी के तहत रखा गया है, जहां उनके साथ चार अन्य महिला कैदी भी मौजूद हैं। वहीं समर्थ सिंह को सेंट्रल जेल की बैरक नंबर-4 के बी-खंड में रखा गया है, जहां 15 अन्य कैदी भी हैं।
नियमों के अनुसार जेल प्रशासन ने दोनों को एक-एक थाली, कटोरी और चादर उपलब्ध कराई है।
कोर्ट में पेशी के दौरान भावुक हुए आरोपी
मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट शोभना भालावे की अदालत में पेशी के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। सीबीआई ने पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने अपने बेटे समर्थ सिंह के साथ न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले भावुक अपील भी की।
सीबीआई ने बताई जांच की स्थिति
सीबीआई ने अदालत में बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी लंबित है। एजेंसी ने कहा कि जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं को देखते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाना आवश्यक है।
12 मई को फांसी के फंदे पर मिली थीं ट्विशा
गौरतलब है कि 33 वर्षीय पूर्व अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में कथित रूप से फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं। मामले ने तूल पकड़ने के बाद सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली और दोबारा एफआईआर दर्ज की।
सास और पति पर गंभीर आरोप
सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। दोनों पर ट्विशा को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप हैं। हालांकि, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
फिलहाल सीबीआई मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और फोरेंसिक रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

