Road Accidents News: दुर्ग। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दुर्ग जिले के कुथरेल निवासी एक ही परिवार के चार सदस्यों का मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। आईटी इंजीनियर अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची चंद्राकर और दोनों बेटे दर्श व अक्षज को गांव में एक साथ अंतिम विदाई दी गई। एक ही परिवार की चार अर्थियां उठने और चार चिताएं जलने का दृश्य देखकर पूरा गांव गमगीन हो गया।
शव पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब
मंगलवार दोपहर रायपुर एयरपोर्ट से चार एंबुलेंसों के जरिए शवों को कुथरेल गांव लाया गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक पहुंचे। गांव के इतिहास में पहली बार ऐसा दर्दनाक मंजर देखने को मिला, जब एक ही परिवार के चार सदस्यों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
हिमाचल घूमने गया था परिवार
जानकारी के अनुसार, बच्चों की ताइक्वांडो प्रतियोगिता के बाद अरविंद चंद्राकर अपने परिवार के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद वे दूसरे परिवार के साथ साच पास क्षेत्र की यात्रा पर निकले थे। इसी दौरान 29 मई की रात कालावन क्षेत्र के पास उनकी टैक्सी अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे में कार सवार सभी लोगों की मौत
हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। जीपीएस लोकेशन के आधार पर वाहन का पता लगाया गया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने खोज एवं राहत अभियान शुरू किया। दुर्गम पहाड़ी इलाके और खराब मौसम के बीच स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन ने ह्यूमन चेन बनाकर शवों को खाई से बाहर निकाला।
दो परिवार पूरी तरह खत्म
इस दर्दनाक हादसे में कुल आठ लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में अरविंद चंद्राकर का पूरा परिवार शामिल था। वहीं दूसरे परिवार के पी.जी. कार्तिघायन, उनकी पत्नी मनीमाला और बेटे नंदन की भी जान चली गई। हादसे में टैक्सी चालक की भी मौत हो गई। इस दुर्घटना ने दो परिवारों को पूरी तरह खत्म कर दिया।
गांव में पसरा मातम
कुथरेल गांव में अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम नजर आई। परिजनों और ग्रामीणों ने भारी मन से चारों को अंतिम विदाई दी। एक साथ चार चिताओं की लपटें उठती देख मौजूद लोग भावुक हो गए। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।

