रायपुर प्रेस क्लब ने मनाया “पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव”, CM साय ने किया टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन, वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

रायपुर प्रेस क्लब ने मनाया “पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव”, CM साय ने किया टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन, वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

Patrakarita Gaurav Martand Utsav: रायपुर। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा शनिवार को “पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। दिनभर चले इस विशेष आयोजन में पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों, नई मीडिया की भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर गंभीर एवं सार्थक विमर्श हुआ। कार्यक्रम में प्रदेशभर से वरिष्ठ पत्रकार, मीडिया शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और पत्रकारिता से जुड़े सैकड़ों लोगों ने सहभागिता की।

लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है पत्रकारिता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

उत्सव के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ इंडिया हेरिटेज सेंटर के निदेशक एवं वरिष्ठ पत्रकार के.जी. सुरेश, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक पुरंदर मिश्रा तथा राम मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सुनील रामदास अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। पत्रकार समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के हितों और उनकी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है तथा भविष्य में पत्रकार कल्याण के लिए और बेहतर पहल की जाएगी।

दो शताब्दियों की गौरवशाली यात्रा पर हुआ मंथन

वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडिया हेरिटेज सेंटर के निदेशक के.जी. सुरेश ने हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय जागरण और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि तकनीक बदल सकती है, माध्यम बदल सकते हैं, लेकिन पत्रकारिता का मूल धर्म जनहित और सत्य की स्थापना ही रहेगा।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सूचना क्रांति के इस दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। मीडिया समाज को दिशा देने वाला सशक्त माध्यम है और इसकी विश्वसनीयता ही इसकी सबसे बड़ी पूंजी है।

प्रेस क्लब टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर प्रेस क्लब की टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन किया। इस डायरेक्टरी में प्रेस क्लब के सदस्यों एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े महत्वपूर्ण संपर्कों को शामिल किया गया है, जो पत्रकारों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री के रूप में काम करेगी।

15 वरिष्ठ पत्रकारों को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

उत्सव के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले 15 वरिष्ठ पत्रकारों को “जीवन पर्यंत पत्रकारिता सेवा सम्मान” से सम्मानित किया गया।

सम्मानित पत्रकारों में शेषकरण जैन, बाबूलाल शर्मा, आशा शुक्ला, नरेन्द्र पारख, आसिफ इकबाल, सुहास राजिमवाले, दिवाकर मुक्तिबोध, कौशल शर्मा, परमानंद वर्मा, राजेश शर्मा (बबलू भैया), ओ.पी. शर्मा, सनत चतुर्वेदी, कौशल मिश्रा, ठाकुर राम साहू तथा मोहसिन अली सुहैल शामिल रहे।

सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित पत्रकारों ने खड़े होकर इन वरिष्ठ हस्तियों का अभिनंदन किया।

‘स्याही से स्क्रीन तक’ विषय पर गहन चर्चा

दूसरे सत्र में “पत्रकारिता : स्याही से स्क्रीन तक – चुनौतियां और संभावनाएं” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी, विजय मनोहर तिवारी, सुभाष मिश्रा और गिरीश पंकज ने अपने विचार साझा किए।

हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि तकनीक ने पत्रकारिता को नई गति दी है, लेकिन विश्वसनीयता और निष्पक्षता आज भी इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को राष्ट्रीय मीडिया में अपेक्षित स्थान न मिलने पर चिंता भी व्यक्त की।

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को विचार और दिशा देने की प्रक्रिया भी है। उन्होंने पत्रकारिता के मूल्यों को बचाए रखने पर जोर दिया।

वरिष्ठ पत्रकार सुभाष मिश्रा ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता ने हमेशा जनसरोकारों को प्राथमिकता दी है। वहीं गिरीश पंकज ने पत्रकारिता को सकारात्मक चेतना और बौद्धिक संवाद का माध्यम बताया।

इस सत्र में फेक न्यूज, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, निष्पक्षता की चुनौती और बदलते सुरक्षा परिदृश्य जैसे विषयों पर भी गंभीर चर्चा हुई।

‘न्यूज़ रूम से न्यू मीडिया तक’ पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

तीसरे सत्र का विषय “पत्रकारिता : न्यूज़ रूम से न्यू मीडिया तक” रहा। इस दौरान प्रसिद्ध एंकर एवं विचारक अमिताभ अग्निहोत्री, बंसल न्यूज़ के प्रधान संपादक शरद द्विवेदी, आईबीसी के मैनेजिंग एडिटर विश्वेश ठाकरे, वरिष्ठ पत्रकार रूद्र अवस्थी, अनिल पुसदकर और अनिल प्रसाद ने अपने अनुभव साझा किए।

अमिताभ अग्निहोत्री ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना का प्रवाह बेहद तेज हुआ है, लेकिन पत्रकारिता की विश्वसनीयता को बनाए रखना पहले से अधिक जरूरी हो गया है।

शरद द्विवेदी ने कहा कि सोशल मीडिया और न्यू मीडिया ने पत्रकारिता का दायरा बढ़ाया है, लेकिन खबरों के सत्यापन और संपादकीय अनुशासन की भूमिका आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

विश्वेश ठाकरे ने कहा कि हर व्यक्ति के पास अभिव्यक्ति का मंच होना अच्छी बात है, लेकिन पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन के बीच का अंतर समझना आवश्यक है। तथ्य, संतुलन और जवाबदेही ही पत्रकारिता की पहचान हैं।

वक्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल पत्रकारिता, सोशल मीडिया के प्रभाव और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

सांस्कृतिक संध्या में पत्रकारों ने बिखेरे सुर

उत्सव के अंतिम चरण में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने कार्यक्रम में रंग भर दिए। जेपी ग्रुप के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं, वहीं पत्रकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन कर माहौल को यादगार बना दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में शकुंतला तरार, रत्न शर्मा, कौशल सोनवीर, राहुल सिंह, अनिल पुसदकर, मुकेश वर्मा और हेमंत पाणिग्रही ने विशेष प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।

वर्षभर होंगे द्विशताब्दी वर्ष के आयोजन

कार्यक्रम के समापन अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु तथा संयुक्त सचिव निवेदिता साहू और भूपेंद्र जांगड़े ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर सभी पत्रकारों को शुभकामनाएं दीं।

प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने घोषणा की कि हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष व्याख्यानमाला, संवाद कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यशालाएं, सम्मान समारोह और पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाएंगे।

बड़ी संख्या में पत्रकार रहे उपस्थित

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, रामावतार तिवारी, बृजेश चौबे, राजेंद्र निगम, अंशुमन शर्मा, संदीप पौराणिक, संतोष साहू, चंदन साहू, नीरज मिश्रा, संजीव सिन्हा, शंकर चंद्राकर, दीपक पांडे, विद्याभूषण, शुभम वर्मा, पवन ठाकुर, प्रदीप चंद्रवंशी, सोनू कुमार, सोनल भारद्वाज, रुमा सेनगुप्ता, रत्न पांडेय सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में राजनांदगांव, बिलासपुर, भिलाई और दुर्ग प्रेस क्लबों के अध्यक्षों की भी विशेष उपस्थिति रही। पूरे आयोजन ने हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली विरासत, उसकी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर सार्थक संवाद का मंच प्रदान किया।


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