छत्तीसगढ़ जनगणना में पहली बार घर-घर का डिजिटल प्रोफाइल तैयार, एसी से लेकर कार तक का डेटा रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ जनगणना में पहली बार घर-घर का डिजिटल प्रोफाइल तैयार, एसी से लेकर कार तक का डेटा रिकॉर्ड

Chhattisgarh Census: रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रही जनगणना के पहले चरण में पहली बार घरों की सुविधाओं और संसाधनों का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। अब सरकारी दस्तावेजों में यह दर्ज किया जा रहा है कि किस घर में एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कार, बाइक, साइकिल, इंटरनेट, गैस कनेक्शन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मकान की संरचना, कमरों की संख्या और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी भी डिजिटल रूप से संग्रहित की जा रही है।

1 मई से शुरू हुई जनगणना के पहले चरण का 92 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। यह चरण 30 मई को समाप्त होगा। प्रदेश में जनगणना के लिए 48,742 ब्लॉक बनाए गए थे, जिनमें प्रत्येक ब्लॉक में औसतन 165 मकानों को शामिल किया गया। इसी आधार पर राज्य में 80 लाख से अधिक मकानों का आंकड़ा सामने आया है, जिनका पूरा विवरण पहली बार डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बन रहा है।

33 सवालों के जरिए जुटाई गई विस्तृत जानकारी

जनगणना के तहत मकान सूचीकरण और आवास गणना में कुल 33 सवालों के जवाब दर्ज किए गए। इसमें यह जानकारी भी शामिल है कि मकान पक्का है या कच्चा, टाइल्स वाला है या खपरैल पोश, घर में कितने कमरे हैं और पानी, बिजली, इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। इसके अलावा घरेलू उपयोग की वस्तुओं और वाहनों की जानकारी भी दर्ज की गई।

इससे पहले 16 से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन स्वगणना अभियान चलाया गया था, जिसमें करीब 1.32 लाख लोगों ने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज की थी। इसके बाद 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र कर रहे हैं।

पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से

जनगणना की प्रक्रिया इस बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। मोबाइल एप के जरिए गणनाकर्मियों ने सीधे डेटा अपलोड किया, जिससे काम अधिक तेज और व्यवस्थित हुआ। अधिकारियों के अनुसार एक परिवार की जानकारी दर्ज करने में औसतन 15 से 20 मिनट का समय लगा।

29 मई तक 44,800 से अधिक ब्लॉकों का सत्यापन पूरा किया जा चुका था। इस कार्य में 51 हजार से अधिक प्रगणक और 9 हजार से ज्यादा पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।

2027 में शुरू होगा दूसरा चरण

जनगणना का दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। इस चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य की विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इसमें नाम, उम्र, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति, धर्म, भाषा, जाति-जनजाति, जन्म स्थान और रोजगार संबंधी जानकारी शामिल होगी। यही आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण का आधार बनेंगे।

छूटे परिवार टोल फ्री नंबर पर दे सकते हैं जानकारी

प्रशासन ने अपील की है कि जिन घरों तक अभी तक गणनाकर्मी नहीं पहुंचे हैं या जिन परिवारों के सदस्य गणना के समय घर पर मौजूद नहीं थे, वे टोल फ्री नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत कार्यालय में भी अपनी जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार जनगणना से वंचित न रहे।

कहीं मिला सहयोग, कहीं आईं चुनौतियां

जनगणना कार्य में इस बार प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को भी लगाया गया है। गणनाकर्मियों के अनुसार अधिकांश लोगों ने सहयोग किया, लेकिन कई स्थानों पर उन्हें चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। कुछ घरों में लोगों ने दरवाजे नहीं खोले, कुछ ने जानकारी देने से इनकार कर दिया, जबकि कुछ स्थानों पर गलत जानकारी देने की कोशिश भी की गई। कई लोगों को यह आशंका थी कि सही जानकारी देने से उनकी सरकारी सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं।


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