सुशासन तिहार में गरमाया माहौल: सामुदायिक भवन भुगतान विवाद पर भाजपा कार्यकर्ता और जनपद CEO में तीखी बहस

सुशासन तिहार में गरमाया माहौल: सामुदायिक भवन भुगतान विवाद पर भाजपा कार्यकर्ता और जनपद CEO में तीखी बहस

Chhattisgarh Durg News: दुर्ग। जनता की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम थनौद में सामुदायिक भवन निर्माण और भुगतान के मुद्दे पर तीखी नोकझोंक सामने आ गई। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सरपंच किरण देशमुख के पति पुराण देशमुख और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश पांडेय के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, विवाद सामुदायिक भवन निर्माण और उससे जुड़े भुगतान को लेकर शुरू हुआ। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ता अपनी समस्या लेकर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर के पास पहुंचे थे, जहां चर्चा के दौरान माहौल गरमा गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुशासन तिहार जैसे जनसुनवाई और समस्या समाधान के मंच पर जनता के मुद्दों के बजाय राजनीतिक खींचतान और निजी विवाद हावी होते दिखाई दिए, जिससे कार्यक्रम के मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुरानी राजनीतिक रंजिश बनी विवाद की वजह

ग्रामीणों के मुताबिक, वर्तमान सरपंच और पूर्व सरपंच गुट के बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद चले आ रहे हैं। इसी कारण सामुदायिक भवन निर्माण और भुगतान का मामला लगातार विवाद का विषय बना हुआ है।

जनपद पंचायत CEO रूपेश पांडेय ने बताया कि रुदा (खांड़ा) की पूर्व सरपंच किरण देशमुख के खिलाफ लगभग दो लाख रुपये की बकाया राशि लंबित है। उनका आरोप है कि उक्त राशि की वसूली नहीं करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। साथ ही पहले से निर्मित सामुदायिक भवन के भुगतान को भी रोकने की मांग की जा रही थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण से जुड़े मामले में लगाया गया स्थगन आदेश (स्टे) करीब एक वर्ष पहले समाप्त हो चुका था, जिसके बाद नियमानुसार भुगतान किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पर्याप्त पैरवी नहीं होने के कारण संबंधित स्टे निरस्त हो गया था।

“सुशासन तिहार किसी पार्टी विशेष का मंच नहीं”

विवाद के दौरान CEO रूपेश पांडेय ने कहा कि पुराण देशमुख कोई जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित किया गया है।

विधायक ने दी तालमेल की सलाह

पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई लोगों का मानना है कि यदि सुशासन तिहार जैसे मंचों पर भी राजनीतिक टकराव हावी रहेगा तो आम जनता की समस्याओं का समाधान प्रभावित हो सकता है।

वहीं कार्यक्रम में मौजूद दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने विवाद पर सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आपसी समन्वय और तालमेल के साथ काम करना चाहिए, ताकि जनता के हितों को प्राथमिकता दी जा सके।


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