Junior doctors Strike: भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टर सोमवार सुबह 9 बजे से हड़ताल पर हैं। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे ओपीडी सेवाएं नहीं देंगे। इससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
ऑपरेशन थिएटर में सिर्फ आपातकालीन मरीजों के लिए सेवाएं
JDA ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन थिएटर (OT) में केवल अति गंभीर मरीजों के लिए ही सेवा दी जाएगी। हर्निया, रॉड इंप्लांट जैसे सामान्य ऑपरेशन फिलहाल टल सकते हैं, जिसका असर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर पड़ेगा।
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन अब तक लागू नहीं किया गया है। कई बार निवेदन के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। JDA के नेतृत्व में करीब 8 हजार रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न हड़ताल में शामिल हैं।
आदेश के बावजूद लंबित है संशोधन
JDA से डॉ. ब्रिजेंद्र ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन के 7 जून 2021 के आदेश के अनुसार स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था। इसके बावजूद न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया और न ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान किया गया।
एचओडी और डीन को सौंपा ज्ञापन
JDA ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में डीन और विभागाध्यक्षों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि सुबह 9 बजे से सभी रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न हड़ताल पर रहेंगे। आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन ओपीडी और अन्य सामान्य सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा।
जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार से काली पट्टी लगाकर काम किया। उनका उद्देश्य शासन और संबंधित अधिकारियों का ध्यान लंबित स्टाइपेंड संशोधन और एरियर भुगतान की ओर आकर्षित करना है।
आदेश के क्रियान्वयन और लंबित एरियर की मांग
JDA का कहना है कि उनका आंदोलन केवल शासन द्वारा पहले से जारी आदेश के क्रियान्वयन और लंबित एरियर के भुगतान को लेकर है। सरकार जल्द निर्णय ले तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा, अन्यथा विरोध तेज किया जा सकता है।
पिछले आदेश और स्टाइपेंड इतिहास
दो साल पहले मार्च 2024 में जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का आदेश आया था, लेकिन लाभ अब तक नहीं मिला।
नवंबर 2022 में पिछली बार स्टाइपेंड बढ़ा था।
जून 2021 में राज्य सरकार ने स्टाइपेंड में CPI आधारित वार्षिक वृद्धि का प्रावधान किया था, लेकिन अप्रैल 2023 में कोई वृद्धि नहीं हुई।

