CG Khairagarh News: खैरागढ़। सराफा दुकान के खराब शटर की जानकारी नागपुर में बैठे आरोपियों के लिए चोरी की साजिश का आधार बन गई। आरोपियों ने पहले नागपुर से स्कूटी चोरी की और फिर उसी चोरी की स्कूटी से छुईखदान पहुंचकर सराफा दुकान को निशाना बनाया। पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरी की पूरी कड़ी जोड़ते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामला 14 अगस्त की रात छुईखदान के जैन मोहल्ले का है। यहां सराफा कारोबारी शांतिलाल जैन की दुकान का शटर तोड़कर बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण चोरी किए गए थे। दुकान संचालक की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 20 से 25 किलो चांदी चोरी हुई थी।
दुकान के शटर की खराबी सुनकर बनाया चोरी का प्लान
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महेन्द्र साहू कुछ समय पहले सराफा दुकान पर सामान लेने गया था। इसी दौरान उसने दुकान के शटर में खराबी होने की जानकारी सुनी। पुलिस के मुताबिक, महेन्द्र ने इसी जानकारी के आधार पर नागपुर जाकर अक्षय गुरूवे और अनिकेत मेश्राम के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। वारदात को अंजाम देने के लिए तीनों ने पहले नागपुर से एक स्कूटी चोरी की। इसके बाद उसी चोरी की स्कूटी से नागपुर से छुईखदान पहुंचे और सराफा दुकान को निशाना बनाया।
चोरी से पहले काटे CCTV के तार
आरोपियों ने वारदात से पहले दुकान की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी। चोरी की रात उन्होंने दुकान के CCTV के तार काट दिए और शटर तोड़कर अंदर दाखिल हुए। इसके बाद बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण लेकर मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी का माल तत्काल अपने पास रखने के बजाय नवागांव के तालाब में छिपा दिया था।
22 किलो 600 ग्राम चांदी समेत 44.75 लाख का माल बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महेन्द्र साहू तक पहुंच बनाई। पूछताछ के बाद पुलिस की टीम नागपुर पहुंची और दोनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने छिपाकर रखा चोरी का माल बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से 22 किलो 600 ग्राम चांदी, 3 ग्राम सोना और घटना में प्रयुक्त होंडा एक्टिवा बरामद की गई है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 44 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है।
पहले भी अपराधों में शामिल रहे आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी पहले भी चोरी और मारपीट जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में साइबर सेल की तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नागपुर में वाहन चोरी से शुरू हुई जांच छुईखदान की सराफा दुकान में हुई लाखों की चोरी से जुड़ी और पुलिस ने दोनों घटनाओं की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

