Navapara-Rajim: ऐतिहासिक रहा शासकीय आदर्श हरिहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 1995 बैच का गुरु-मित्र मिलन समारोह

Navapara-Rajim: ऐतिहासिक रहा शासकीय आदर्श हरिहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 1995 बैच का गुरु-मित्र मिलन समारोह

Navapara-Rajim News: नवापारा-राजिम। शासकीय आदर्श हरिहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवापारा-राजिम के वर्ष 1995 बैच का गुरु-मित्र मिलन समारोह 14 जून को उत्साह, आत्मीयता और भावनाओं के बीच संपन्न हुआ। 31 वर्षों बाद एक मंच पर एकत्रित हुए सहपाठियों ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

समारोह में छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों के अलावा झारखंड और मध्यप्रदेश से भी पूर्व छात्र शामिल होने पहुंचे। इंजीनियर, चिकित्सक, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शिक्षक, व्यवसायी और राजनीति के क्षेत्र में प्रतिष्ठित स्थान हासिल कर चुके इन पूर्व छात्रों ने अपनी वर्तमान पहचान को पीछे छोड़ एक बार फिर स्वयं को 1995 बैच का छात्र महसूस किया। वर्षों बाद मित्रों से मिलकर कई साथी भावुक हो उठे।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद सभी साथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। नाश्ते के साथ शुरू हुआ यादों का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। आयोजन की विशेषता यह रही कि प्रत्येक छात्र को मंच से अपने वर्तमान जीवन, कार्यक्षेत्र और उपलब्धियों को साझा करने का अवसर मिला।

पुराने स्कूल पहुंचकर ताजा कीं सुनहरी यादें

समारोह के दौरान सभी साथी बाइक रैली के रूप में अपने पुराने विद्यालय शासकीय आदर्श हरिहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। यहां विद्यालय की वर्तमान प्राचार्य फाखरा खानम दानी का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। इसके बाद पूर्व छात्रों ने स्कूल परिसर का भ्रमण किया और अपनी पुरानी कक्षाओं में जाकर उन्हीं डेस्क-बेंचों पर बैठकर छात्र जीवन की यादों को फिर से जीया।

विद्यालय परिसर में मित्रों और प्राचार्य के साथ खिंचवाई गई सामूहिक तस्वीर को सभी ने जीवन की अमूल्य धरोहर बताया।

गुरुजनों का सम्मान और आशीर्वाद बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में गुरुजनों के सम्मान के लिए विशेष आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य आर.बी. शर्मा मुख्य अतिथि, एन.के. शर्मा विशेष अतिथि तथा तत्कालीन प्राचार्य फाखरा खानम दानी सहित शिक्षक एम.एल. साहू, आर.एल. साहू एवं एस.आर. सोन उपस्थित रहे।

गुरुजनों ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके अनुशासन, संस्कार और विद्यालय के प्रति लगाव की सराहना की। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और सुखद जीवन की कामना की।

मित्रता का संदेश दे गया समारोह

गुरु-मित्र मिलन समारोह ने यह संदेश दिया कि समय चाहे कितना भी बदल जाए, जिम्मेदारियां और व्यस्तताएं कितनी भी बढ़ जाएं, लेकिन सच्ची मित्रता की डोर कभी कमजोर नहीं होनी चाहिए। वर्षों बाद भी साथियों के बीच वही अपनापन और आत्मीयता देखने को मिली जो छात्र जीवन में हुआ करती थी।

विदाई के समय नम हुईं आंखें

सुबह से शुरू हुआ यह आयोजन कब शाम में बदल गया, इसका एहसास किसी को नहीं हुआ। गीत-संगीत, हंसी-मजाक, पुरानी यादों और मित्रता के रंग में सराबोर यह आयोजन सभी के लिए अविस्मरणीय बन गया। विदाई के समय कई साथी भावुक हो गए। एक-दूसरे को गले लगाकर उन्होंने जल्द फिर मिलने का वादा किया और अगले पुनर्मिलन की उम्मीद के साथ विदा ली।

समारोह में यशवंत सोनी, सुशील संघई, जितेन्द्र भट्ट, आलोक पहाड़िया, बलराम देवांगन, देवल मध्यानी, अजय अग्रवाल, राजा चावला, धीरेन्द्र शर्मा, वीरेन्द्र साहू, अवधेश साहू, किशोर देवांगन, ज्ञानेश शर्मा, गोवर्धन अग्रवाल, प्रवीण झा, एकांत प्रिय चौहान, कौशल स्वर्णबेर, अक्षय अग्रवाल, अखिलेश शर्मा, राजकुमार जैन, किशोर साहू, विजय जैन, रितेश जैन, नवल साहू, पीयूष ठाकुर, शशिकांत साहू, सतीश पटेल, जनक देवांगन, भरत रावलानी, रमेश सोनकर, युवराज सेन, नारायण पाटकर, लीकेश गजेन्द्र, हेमराज सहित 1995 बैच के अनेक छात्र उपस्थित रहे।


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