बस्तर से लाल आतंक का अंत, अब ‘विकसित बस्तर’ की शुरुआत: अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक बदलाव का दौर

बस्तर से लाल आतंक का अंत, अब ‘विकसित बस्तर’ की शुरुआत: अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक बदलाव का दौर

Amit Shah Visit Bastar CG: बस्तर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर दौरे के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश अब पूरी तरह नक्सलवाद के दुःस्वप्न से मुक्त हो चुका है और अब समय ‘विकसित बस्तर’ के निर्माण का है। लाल आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के बाद पहली बार दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे शाह ने नेतनार स्थित सीआरपीएफ कैंप में “जन सुविधा केंद्र” का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि यह केंद्र ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षा बलों और स्थानीय जनता के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करेगा।

सुरक्षाबलों और नक्सल पीड़ित परिवारों का किया सम्मान

जगदलपुर के बादल अकादमी में आयोजित सम्मान समारोह में अमित शाह ने नक्सल उन्मूलन अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले देश के 8 राज्यों के सुरक्षाबलों का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने समाजसेवियों, स्थानीय लोगों और नक्सल पीड़ित परिवारों से भी संवाद किया।

गृह मंत्री ने कहा कि 1971 से लेकर 31 मार्च 2026 तक का दौर देश के लिए एक दुःस्वप्न जैसा था, लेकिन हजारों जवानों के बलिदान और सुरक्षा बलों के साहस से आज बस्तर में शांति और विकास का नया सवेरा आया है।

‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ मॉडल से बदलेगा बस्तर

अमित शाह ने बस्तर के विकास के लिए नई योजना का ऐलान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सक्रिय लगभग 200 CAPF कैंपों में से 70 कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ये कैंप अब केवल सुरक्षा केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि आदिवासियों, किसानों और बच्चों के विकास के केंद्र बनेंगे। यहां राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते, कौशल विकास केंद्र, प्राथमिक स्कूल और 370 से अधिक ऑनलाइन सरकारी योजनाओं की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए 20 करोड़ का फंड

गृह मंत्री ने मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपये का शुरुआती फंड जारी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन लोगों को शिक्षा, कौशल विकास और सम्मानजनक जीवन देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

उन्होंने स्थानीय समाज और पत्रकारों से अपील की कि मुख्यधारा में लौटने वाले करीब 3,000 लोगों को अपनाकर उन्हें नया जीवन शुरू करने में सहयोग करें।

बस्तर फाइटर्स और जवानों के साहस को किया नमन

अमित शाह ने ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’, ‘प्रहार’, ‘ऑक्टोपस’ और ‘डबल बुल’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन अभियानों के बिना नक्सलवाद के खिलाफ जीत संभव नहीं थी।

उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस, बस्तर फाइटर्स, डीआरजी, कोबरा कमांडो और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के साहस की सराहना की। साथ ही दंतेवाड़ा, रानी बोदली और ताड़मेटला जैसी घटनाओं में शहीद हुए जवानों और नागरिकों को श्रद्धांजलि दी।

‘विकसित बस्तर के बिना विकसित भारत अधूरा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि विकसित बस्तर के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि पिछले 50 वर्षों में नक्सली हिंसा से हुए नुकसान की भरपाई केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अगले तीन से चार वर्षों में करेगी। साथ ही उन्होंने बस्तर की कला, संस्कृति, बस्तर ओलंपिक और स्थानीय व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले पांच वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनकर उभरेगा।


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