Chhattisgarh Surajpur News: सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत केवरा के परसापारा में पेयजल संकट को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद आखिरकार क्रेडा विभाग सक्रिय हुआ, लेकिन विभाग की कार्यशैली ने ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ा दी।
ग्रामीणों के अनुसार लगभग एक महीने पहले खराब हुए सौर जलप्रदाय मोटर को मरम्मत के लिए विभाग अपने साथ ले गया था। गांव में लगातार बढ़ते पेयजल संकट के बीच लोगों को उम्मीद थी कि विभाग या तो नया मोटर लगाएगा या पूरी तरह मरम्मत के बाद पंप चालू करेगा।
लेकिन सोमवार को जब विभागीय कर्मचारी गांव पहुंचे तो वे वही पुराना खराब मोटर लेकर आए। कर्मचारियों ने घंटों तक मोटर चालू करने की कोशिश की, मगर पंप शुरू नहीं हो सका। अंततः टीम मोटर को वापस लेकर सूरजपुर लौट गई।
ग्रामीणों में भारी नाराजगी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि एक महीने तक मोटर विभाग के पास रहने के बावजूद उसकी मरम्मत नहीं हो सकी, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्रेडा विभाग की लापरवाही के कारण गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। कई परिवारों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोग मजबूरी में तालाब और अन्य असुरक्षित जल स्रोतों का उपयोग कर रहे हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नया मोटर लगाकर पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई है।
अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि लगातार सवालों के घेरे में आए क्रेडा विभाग द्वारा गांव की पानी समस्या का स्थायी समाधान कब तक किया जाता है।

