Chhattisgarh Surajpur News: सूरजपुर। वनमंडल सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत खड़गवां में गुरुवार को मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर ‘मोर हाथी मोर मितान’ जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। क्षेत्रीय विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते ने अभियान का शुभारंभ करते हुए हाथी संरक्षण और मानव-हाथी सह-अस्तित्व में ग्रामीणों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वनमंडल सूरजपुर की ओर से ‘हाथी के साथ सह-अस्तित्व–सुरक्षित गांव, सुरक्षित हाथी’ अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विधायक शकुंतला पोर्ते ने ग्रामीणों से अपील की कि क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही तत्काल वन विभाग को सूचना दें। उन्होंने ग्रामीणों से हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें परेशान करने से बचने और वन विभाग की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।
हाथियों के व्यवहार और सुरक्षा उपायों की दी जानकारी
कार्यक्रम में वन विभाग के हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे सहित अधिकारियों ने ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार, उनकी गतिविधियों की सूचना देने की प्रक्रिया और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि मानव-हाथी द्वंद्व को रोकने के लिए ग्रामीणों की सतर्कता और सामुदायिक भागीदारी बेहद जरूरी है।
हाथियों के प्राकृतिक आवास और मार्गों का सम्मान करने की अपील
जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को हाथियों के प्राकृतिक आवास और उनके आवागमन मार्गों का सम्मान करने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की गई।
ग्रामीणों को वितरित की गई टॉर्च
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने हाथी संरक्षण और मानव-हाथी सह-अस्तित्व को लेकर जनभागीदारी का संकल्प लिया। इस दौरान विधायक शकुंतला पोर्ते ने ग्रामीणों को टॉर्च का वितरण किया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी, हाथी मित्र और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
संवेदनशील गांवों में जारी रहेंगे जागरूकता कार्यक्रम
वन विभाग की ओर से बताया गया कि आगामी दिनों में हाथी प्रभावित और संवेदनशील गांवों में ग्राम चौपाल एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हाथी मित्रों के माध्यम से सूचना तंत्र को और मजबूत करने की गतिविधियां भी जारी रहेंगी, ताकि मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को रोकने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

