Sukma News: जेल में बंद आदिवासियों के समर्थन में कांग्रेस, हरीश कवासी ने प्रभावित गांवों का किया दौरा

Sukma News: जेल में बंद आदिवासियों के समर्थन में कांग्रेस, हरीश कवासी ने प्रभावित गांवों का किया दौरा

Chhattisgarh Sukma News: नक्सल मामलों में वर्षों से जेल में बंद बताए जा रहे आदिवासियों की रिहाई की मांग सुकमा जिले में तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीश कवासी ने तिम्मापुरम समेत प्रभावित गांवों का दौरा कर जेल में बंद लोगों के परिजनों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं और वह निर्दोष है, तो उसे न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस हर स्तर पर आवाज उठाएगी।

दौरे के दौरान कई परिवारों ने अपनी पीड़ा साझा की। तिम्मापुरम की सोनमती यादव ने बताया कि उनके पति नंगा पिछले साढ़े तीन वर्षों से जेल में हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है और कानूनी लड़ाई के लिए उन्हें अपनी गाय और बकरियां बेचनी पड़ीं। वहीं माड़वी दिनेश ने बताया कि उनके पिता माड़वी हूंगा पिछले दो वर्षों से जेल में हैं और परिवार अब भी न्याय का इंतजार कर रहा है।

वेट्टी हूँगी ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उनके पति और बेटे को एक साथ हिरासत में लिया गया था। परिवार ने धान बेचकर वकीलों की फीस चुकाई, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि बेटे की शादी के महज दस दिन बाद उसे हिरासत में ले लिया गया था और उसकी पत्नी आज भी उसके लौटने की उम्मीद लगाए बैठी है।

हरीश कवासी ने कहा कि जिन मामलों में निर्दोष होने का दावा किया जा रहा है, उनकी निष्पक्ष और समयबद्ध समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों की बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी से भी फोन पर बात कराई। विधायक ने भरोसा दिलाया कि मामलों को गंभीरता से उठाया जाएगा और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

परिजनों ने भी मांग की कि जिन मामलों में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, उनकी शीघ्र समीक्षा कर निर्दोष लोगों को रिहा किया जाए, ताकि लंबे समय से कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे परिवारों को राहत मिल सके।


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