Chhattisgarh Raipur News: छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के कथित 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किए जाने के बाद अदालत ने 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान भुगतान स्वीकृति की प्रक्रिया, कथित कमीशन नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों व एजेंसियों की भूमिका से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं।
ED की कार्रवाई के बाद शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को हुई थी, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर में कार्रवाई के दौरान तीन लोगों के पास से 28.80 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर EOW-ACB ने एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
182.98 करोड़ के अतिरिक्त भुगतान का आरोप
जांच में सामने आया कि 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त चार कार्यदिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर 182.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें करीब 101.20 करोड़ रुपये ओवरटाइम, 12.21 करोड़ रुपये बोनस, 54.46 करोड़ रुपये अतिरिक्त कार्यदिवस और 15.11 करोड़ रुपये सर्विस चार्ज के रूप में जारी किए गए। आरोप है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा कथित कमीशन नेटवर्क के जरिए विभिन्न लोगों तक पहुंचाया गया।
मैनपावर एजेंसियां भी जांच के घेरे में
EOW की जांच में कई मैनपावर एजेंसियों की भूमिका भी सामने आई है। इनमें सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रासर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर साल्यूशंस शामिल हैं। एजेंसी यह जांच कर रही है कि इन संस्थाओं को भुगतान किन आधारों पर स्वीकृत किए गए और वास्तविक कर्मचारियों तक कितनी राशि पहुंची।
12 आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट
इस मामले में EOW-ACB पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें अनवर ढेबर, नवीन प्रताप सिंह तोमर, तिजऊराम निर्मलकर, अभिषेक सिंह, नीरज कुमार चौधरी, अजय लोहिया, अजीत नरबले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, एन. उदय राव, राजीव द्विवेदी और संजीव जैन शामिल हैं। अब पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

