Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोमवार को छात्र संगठन एआईडीएसओ (AIDSO) ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर गंभीर सवाल उठाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
एआईडीएसओ के प्रतिनिधि सूरज साहू ने कहा कि हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसे मामलों से उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आ रहे विवादों से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिक्षा के निजीकरण पर भी उठाए सवाल
संगठन ने आरोप लगाया कि मेडिकल शिक्षा में बढ़ते निजीकरण और महंगी कोचिंग व्यवस्था ने शिक्षा को व्यवसाय बना दिया है। नीट परीक्षा में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, रिजल्ट विवाद और अन्य शिकायतें इस बात का संकेत हैं कि परीक्षा प्रणाली भरोसे के संकट से गुजर रही है।
न्यायिक निगरानी में जांच की मांग
एआईडीएसओ ने मांग की कि पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मेडिकल जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार कमजोर होती रही, तो आने वाली पीढ़ियों का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी में रिचेकिंग व्यवस्था बहाल करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान सूरज साहू ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी में रिचेकिंग (पुनर्मूल्यांकन) व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो उसे उत्तर पुस्तिका की पुनः जांच का अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही सेमेस्टर सिस्टम की विसंगतियों को दूर करने की मांग भी की गई।

