Madhya Pradesh Latest News: 1,943 करोड़ रुपये की लागत से बने दो नए रेलखंडों का शुभारंभ, विद्यार्थियों, मरीजों और व्यापारियों को मिलेगा फायदा

Madhya Pradesh Latest News: 1,943 करोड़ रुपये की लागत से बने दो नए रेलखंडों का शुभारंभ, विद्यार्थियों, मरीजों और व्यापारियों को मिलेगा फायदा

Madhya Pradesh Latest News: सतना। विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सतना–देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर और रीवा–चुरहट के 65 किलोमीटर लंबे रेलखंडों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देवेंद्रनगर–चुरहट नई यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन रेलखंडों के शुरू होने से सीधी जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को देश के रेल नेटवर्क से जुड़ने में सुविधा मिलेगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से विंध्य और बुंदेलखंड में शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में करीब एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी रेल लाइन तथा आमान परिवर्तन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इनके पूरा होने से भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ मेमू और इंटरसिटी जैसी छोटी दूरी की रेल सेवाएं बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

रीवा–चुरहट रेलखंड का निर्माण लगभग 1,070 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। करीब 65 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड में रामपुर नैकिन से चुरहट तक लगभग 22.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के बाद परियोजना पूरी हुई। चुरहट तक रेल संपर्क स्थापित होने से सीधी जिले के विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। क्षेत्र में चूना पत्थर और अन्य खनिजों की उपलब्धता को देखते हुए इस रेलखंड से माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

वहीं, सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड का निर्माण करीब 873 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। लगभग 53 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड में फुलवारी से देवेंद्रनगर के बीच अंतिम आठ किलोमीटर का काम पूरा होने के साथ परियोजना पूर्ण हुई। सतना और आसपास के क्षेत्रों में सीमेंट, चूना पत्थर और अन्य खनिज आधारित उद्योगों की मौजूदगी के कारण बेहतर रेल संपर्क से सीमेंट, क्लिंकर और दूसरे माल की ढुलाई आसान हो सकती है। इससे उद्योगों की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बेहतर होने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलने की संभावना है।

नई देवेंद्रनगर–चुरहट यात्री रेल सेवा से दैनिक यात्रियों, किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को आवागमन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। रेल संपर्क से स्थानीय कृषि उपज, पत्थर शिल्प, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा परिवहन, व्यापार, वेयरहाउसिंग और छोटे व्यवसायों में रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल कनेक्टिविटी को विंध्य और बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने, उद्योगों को माल परिवहन और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

बेहतर रेल संपर्क से रीवा, पन्ना, खजुराहो और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी सुविधाजनक होने की संभावना है। सफेद बाघ सफारी, मुकुंदपुर, चचाई और बहुती जलप्रपात, रीवा का किला तथा गोविंदगढ़ जैसे आकर्षणों को इससे लाभ मिल सकता है। चुरहट और नागौद में आयोजित कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्रा, राजेश मिश्रा, गणेश सिंह, विष्णु दत्त शर्मा तथा राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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