Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। राजधानी की संस्थाओं वक्ता मंच एवं जन एकता फाउंडेशन द्वारा आयोजित साहित्यिक समारोह में काव्य पाठ स्पर्धा, बाल रचनाकारों के काव्य संग्रह ‘काव्य किसलय’ का विमोचन और गोल्डन बुक सर्टिफिकेट सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पुणे की कवयित्री सुरेखा खरे ‘सिद्धि’ रहीं, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार पं. पीके तिवारी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकुमार धर द्विवेदी और किरणलता वैद्य उपस्थित रहे।
वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने बताया कि समारोह में पुणे की कवयित्री सुरेखा खरे ‘सिद्धि’ को उनके काव्य संग्रह ‘छंद रसावली’ के लिए गोल्डन बुक सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। इस संग्रह में विभिन्न रसों को छंदबद्ध रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है और मात्रा गणना भी दर्शाई गई है। गोल्डन बुक की स्टेट हेड सोनल शर्मा एवं राजेश शर्मा ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
समारोह के दौरान प्रदेश के 33 बाल रचनाकारों के काव्य संग्रह ‘काव्य किसलय’ का विमोचन भी किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार किरणलता वैद्य ‘कठिन’ के संपादन में प्रकाशित इस संकलन में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 33 बाल कवियों की कविताएं शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, संभवतः यह प्रदेश में बाल लेखकों का पहला ऐसा संकलन है। पुस्तक विमोचन के बाद सभी बाल रचनाकारों को सम्मान पत्र प्रदान किया गया और उन्हें पुस्तक की एक प्रति भी भेंट की गई।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘जरा याद करो कुर्बानी’ विषय पर आयोजित स्वरचित हिंदी काव्य पाठ स्पर्धा रही। प्रतियोगिता में 20 कवियों ने हिस्सा लिया और देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं की प्रभावी प्रस्तुतियों से माहौल को भावपूर्ण बना दिया। स्पर्धा में छबिलाल सोनी ने प्रथम, नीतीश ठाकुर ‘नीर’ ने द्वितीय, गंगा शरण पासी ने तृतीय और मोहम्मद हुसैन ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार और सम्मान पत्र प्रदान किए गए।
काव्य पाठ के दौरान सुनीता वैष्णव ने आजादी के दीवानों और शहीदों को नमन करते हुए अपनी रचना प्रस्तुत की। मुकुंद शिलेदार ने रायपुर के देशभक्त सेनानी रामलाल चंद्राकर के योगदान को अपनी कविता के माध्यम से याद किया। वहीं प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छबिलाल सोनी ने तिरंगे और शहीदों के बलिदान को केंद्र में रखकर कविता प्रस्तुत की।
कुसुम जैन ने अपनी कविता के माध्यम से उन शहीदों को नमन किया जो तिरंगे को कफन बनाकर लौटे। मोहम्मद हुसैन ने गुलामी और शहीदों की कुर्बानियों को याद किया, जबकि सुषमा पटेल ने देश की शांति, सुंदरता और सकारात्मक परिवेश को अपनी रचना में अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने किया। आभार प्रदर्शन संस्था के संयोजक शुभम साहू ने किया। वक्ता मंच एवं जन एकता फाउंडेशन की ओर से विवेक बेहरा, ज्योति शुक्ला, हेमलाल पटेल, दुष्यंत साहू, राजा राम रसिक और संतोष धीवर की टीम ने आयोजन का संयोजन किया।
समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार सुरेंद्र रावल, चेतन भारती, डॉ. कमल वर्मा, अरुण खरे, राजा राम रसिक, प्रदीप वैद्य, प्रमोद पटले, अपूर्व तिवारी, डॉ. सरोज साव, गजपति राम साहू, राजेश्वरी साहू, तामेश्वर साहू, कल्याणी तिवारी, भावना साहू, डिगेश साहू, रुनाली चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

